Wednesday, January 22, 2014

8200 CONTRACT EMLOYEES HONGE REGULAR

चंडीगढ़ : प्रदेश सरकार एक जनवरी 2003 के बाद रोडवेज में अनुबंध आधार पर भर्ती हुए सभी 8200 चालक व परिचालकों को पक्का करेगी। इससे सरकारी खजाने पर लगभग 112 करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। एक जनवरी 2014 को निर्धारित तिथि मानकर सभी कर्मचारियों को एसीपी व वार्षिक वेतन वृद्धि सहित पगार मिलेगी। कर्मचारियों को बकाया एरियर नहीं मिलेगा। एरियर की राशि लगभग तीन सौ करोड़ रुपये बन रही थी। इसके अलावा कुछ कार्यशाला कर्मचारी भी पक्के होंगे। 1इस तरह लागू होगा समझौता1अनुबंध कर्मियों को पक्का करने के आदेश के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय में दायर विशेष याचिका को राज्य सरकार वापस लेगी। सभी लाभपात्र चालक व परिचालक और सरकार के
उच्च अधिकारियों को समझौते का शपथ-पत्र उच्चतम न्यायालय में प्रस्तुत करना होगा। विशेष याचिका वापस लेने के बाद एक जनवरी 2014 की निर्धारित तिथि से सभी कर्मचारी नियमित वेतनमान के पात्र होंगे।1समिति करेगी पुनर्विचार1निजी बस आपरेटरों को 3519 रूट परमिट देने के निर्णय पर उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला के नेतृत्व में गठित समिति पुनर्विचार करेगी। तालमेल कमेटी अपने सुझाव व आपत्तियां लिखित रूप में दर्ज कराएगी। समिति में उद्योग मंत्री रणदीप सुरजेवाला, परिवहन मंत्री आफताब अहमद, स्वास्थ्य मंत्री राव नरेंद्र, परिवहन विभाग के वित्तायुक्त आरआर जोवल, आयुक्त सुमिता मिश्र, महानिदेशक विनीत गर्ग शामिल हैं।1राज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : प्रदेश सरकार व रोडवेज तालमेल कमेटी के बीच हुए समझौते का सबसे अधिक लाभ अनुबंध कर्मियों को हुआ है। पक्का हुए अनुबंध कर्मचारी सरकार की ओर से नियमितीकरण की अधिसूचना जारी होने के बाद दोगुनी पगार पाएंगे। अभी इन्हें लगभग आठ हजार रुपये तनख्वाह मिल रही है, जो बढ़कर सरकारी रोडवेज कर्मचारी की शुरूआती पगार सोलह हजार के बराबर हो जाएगी। इसका फायदा तीन दिन पहले ही भर्ती हुए 1074 कर्मचारियों को भी मिलेगा, जिनकी सेवाएं नियमित कर दी गई हैं। परिवहन मंत्री आफताब अहमद के अनुसार समझौता लागू करने में एक से डेढ़ महीना लग सकता है। जितनी तेजी से कर्मचारी व परिवहन विभाग के अधिकारी सर्वोच्च न्यायालय से केस वापस लेने के लिए शपथ पत्र देंगे, नियमितीकरण की अधिसूचना उतनी ही जल्दी जारी होगी। वर्ष 2003 में लगे कर्मचारियों के दस वर्ष पूरा हो चुके हैं, इसलिए योग्यता अनुसार उन्हें नियम व शर्ते पूरा करने पर एसीपी (एश्योर्ड करियर प्रोग्रेसन स्कीम) का लाभ भी मिलेगा। इसके तहत कर्मचारियों की प्रमोशन तो नहीं होगी, लेकिन पदोन्नति स्केल मिलने पर उनकी पगार में इजाफा होगा। उधर, रोडवेज कर्मचारी तालमेल कमेटी के सदस्य दलबीर किरमारा का कहना है कि प्रदेश सरकार के निर्णय से कर्मचारियों में खुशी की लहर है। एक रुपये में से नब्बे पैसे का लाभ देकर सरकार ने कर्मचारियों की मुराद पूरी कर दी है। 1सुरजेवाला ने निभाई अहम भूमिका 1प्रदेश के उद्योग मंत्री रणदीप सिंह सुरजेवाला सरकार के लिए एक बार फिर संकटमोचक साबित हुए हैं। जब कभी भी सरकार कर्मचारी या अन्य आंदोलनों को लेकर निशाने पर आई मुख्यमंत्री ने रणदीप पर ही भरोसा जताया। एक तरफ रणदीप जाट समुदाय को शांत करने में कामयाब हुए तो वहीं उन्होंने गले की फांस बन चुके रोडवेज कर्मियों को मनाने में भी अहम भूमिका निभाई। रोडवेज कर्मी भी उनकी काबिलियत का लोहा मानते हैं। रोडवेज तालमेल कमेटी के सदस्य हरिनारायण शर्मा का कहना है कि अगर तत्कालीन परिवहन मंत्री रणदीप सुरजेवाला के पास कुछ और समय विभाग की जिम्मेदारी रहती तो कर्मचारियों को मांगें पूरी कराने के लिए आंदोलन करने ही नहीं पड़ते।बिजली कर्मचारी अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते हुए।जागरणराज्य ब्यूरो, चंडीगढ़ : प्रदेश कांग्रेस के महासचिव मीडिया रणसिंह मान ने कहा है कि सरकार की नीति कर्मचारियों के साथ कभी टकराव की नहीं रही। सरकार किसी भी मुद्दे पर बातचीत करने को तैयार है। वाजिब मांगें मानने में कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन गैर वाजिब मांगों को नहीं माना जा सकता। कर्मचारी आंदोलन का रुख छोड़कर वार्ता के लिए आगे आएं।1सरकार जिम्मेदार : इनेलो1इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने कर्मचारी हड़ताल के चलते बिजली-पानी बंद होने और अव्यवस्था के लिए सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। कर्मचारियों की मांगें तुरंत स्वीकार कर सरकार को टकराव का रास्ता त्यागना चाहिए। कर्मचारी आंदोलन के कारण पूरे प्रदेश में ब्लैक आउट की स्थिति पैदा हो गई है। प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश में इनेलो की सरकार बनने पर कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार किया जाएगा।1कर्मचारियों से अन्याय1भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता वीर कुमार यादव ने कहा कि राज्य सरकार कर्मचारियों के साथ अन्याय कर रही है। रोडवेज कर्मियों के बीच फूट डालने के बाद अब अन्य कर्मचारियों की भी कोई सुध नहीं ली जा रही है। वीर कुमार ने सरकार से कर्मचारियों के हित साधने व लोगों को राहत पहुंचाने की मांग की है।

No comments:

Post a Comment