Tuesday, February 25, 2014

GUEST TEACHERS KI NIGAH AB CM HARYANA PAR

चंडीगढ़ : जंतर-मंतर पर पंद्रह दिन तक आमरण अनशन करने वाले अतिथि अध्यापकों की निगाहें अब प्रदेश सरकार पर टिक गई हैं। मुख्यमंत्री हुड्डा के अनशन खत्म कराने के बाद उन्हें उम्मीद है कि मौजूदा विधानसभा सत्र में ही सरकार उनके लिए कुछ करेगी। नियमितीकरण की मांग का भाजपा व इनेलो पहले से ही समर्थन कर रहे हैं। उधर, अनशन के दौरान बर्खास्त किए गए तेरह गेस्ट टीचर्स की बहाली के आदेश सोमवार को अवकाश के कारण जारी नहीं हो पाए। मंगलवार को अधिसूचना जारी होने की संभावना है। मुख्यमंत्री पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि कानून के दायरे में जो बेहतर हो सकेगा, वह किया जाएगा। इससे साफ है कि सरकार की मंशा गेस्ट टीचर्स के प्रति साफ है, अगर कानूनी अड़चन आड़े न आई तो उनका पक्का होना भी मुश्किल नहीं है। सूत्रों के अनुसार कानूनी पेंच फंसने पर सरकार गेस्ट टीचर्स को समान काम, समान वेतन या एडहाक पालिसी में शामिल कर सकती है। इनके दायरे में आने पर भी शिक्षकों का भविष्य लगभग सुरक्षित हो जाएगा। एडहाक पालिसी में आने पर जेबीटी, टीजीटी व पीजीटी गेस्ट टीचर्स
के वेतन में लगभग दस हजार रुपये का इजाफा होगा, साथ ही आकस्मिक अवकाश की संख्या 12 से बढ़कर बीस हो जाएगी। गेस्ट टीचर्स को हाउस रेंट, मेडिकल भत्ता, टीए- डीए व सरकारी शिक्षकों को मिलने वाले अन्य भत्ते भी देय होंगे। हरियाणा अतिथि अध्यापक संघ के संयोजक राजेंद्र शास्त्री व धर्मवीर कौशिक का कहना है कि उन्हें सरकार से न्याय की पूरी उम्मीद है। सभी गेस्ट टीचर्स को उम्मीद है कि बजट सत्र के दौरान ही उनकी मांग पूरी हो जाएगी। भाजपा के कारण मानी गई मांग भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष प्रो. रामबिलास शर्मा का कहना है कि उनके प्रयास से ही गेस्ट टीचर्स की मांग पूरी हुई है। हुड्डा ने उनके धरने पर बैठने की चेतावनी देने के बाद ही गेस्ट टीचर्स का अनशन जूस पिलाकर खत्म कराया। यह भाजपा की जीत है। उन्होंने कहा कि अतिथि अध्यापकों ने स्वयं भी माना कि भाजपा प्रदेशाध्यक्ष की सूझबूझ के कारण ही उनका अनशन समाप्त हुआ है। शर्मा ने बर्खास्त शिक्षकों को बहाल व गेस्ट टीचर्स को नियमित करने के लिए सरकार का समर्थन करने की बात कही है।

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