Monday, February 24, 2014

GUEST TEACHER AANDOLAN KE BBARE ME VICHAR

 कुछ भी कहे अतिथि अध्यापकों के आंदोलन के बारे में 
हार या जीत का मामला नही था ये
अस्तित्व की लड़ाई में जान कि बाजी थी ये
जो लोग बाहर से आन्दोलन को देख रहे थे उनके विचारों का इतना महत्व भी नही है
मुझे ख़ुशी है की अनशनकारियों ने और पदाधिकारियों ने जो फैसला या सहमति प्रदान कि है सही कि है आखिर 
किसी का क्या जा रहा था जान तो दाव पर उनकी ही लगा थी
आपको मेरी और से अच्छी सेहत कि शुभ कामना
उम्मीद है आपका परिवार बच्चे और दोस्त आज खुश होंगे
हो सकता है कुछ आँखों के पंद्रह दिनों से बहते आंसुओ पर आज विराम लग जाये कृपा अपना ख्याल रखना और अपने परिवार को सम्भालना और स्कुल को भी सम्भालना आपके विद्यार्थी आपका इन्तजार कर रहे होंगे
आपके सकारात्मक रुख के कारण ही ये सम्भव हुआ है मुझे ख़ुशी है कि आपने मेरे जैसे अनेक शुभ चिंतकों कि सलाह मानी
लगता है सरकार भी अपना वायदा निभाएगी
शुभ रात्रि

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