Friday, October 16, 2026
CWP 34570(2026) Satinder pal versus state of Haryana and others Case Status
Friday, September 25, 2026
Tuesday, August 11, 2026
Tuesday, August 4, 2026
निजी विश्वविद्यालयों से PhD करने वाले कॉलेज प्रोफेसरों के CAS लाभ से वंचित नहीं रख सकते
यह कॉलेज प्रोफेसरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है।
अब कॉलेज प्रोफेसरों के CAS (Career Advancement Scheme) के लाभ केवल इस आधार पर नहीं रोके जा सकते कि उन्होंने किसी निजी (Private) विश्वविद्यालय से PhD की डिग्री प्राप्त की है, यदि उन्होंने कॉलेज सेवा में नियुक्ति से पहले अपनी PhD पूरी की थी।
इससे पहले मंजू बाला मामले में माननीय उच्च न्यायालय ने उच्च शिक्षा निदेशक को मामले की गहन जांच करने के निर्देश दिए थे, जिसके चलते निजी विश्वविद्यालयों से PhD करने वाले कई कॉलेज प्रोफेसरों के CAS लाभ लंबित रखे गए थे।
अब माननीय उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया है कि यदि किसी अभ्यर्थी ने कॉलेज सेवा में आने से पहले PhD की डिग्री प्राप्त की है, तो केवल इस आधार पर उसके CAS लाभ नहीं रोके जा सकते।
Friday, July 31, 2026
Exam Date declared for court clerical posts
हरियाणा 23 जिलो में 1265 कोर्ट क्लर्क भर्ती का फॉर्म जिसने भरा था एग्जाम डेट आ गई है 24 अगस्त से 7 सितंबर तक पेपर होगा,17 से एडमिट कार्ड आएंगे
Tuesday, July 7, 2026
3rd ACP will Be Given Even having no Eligibility: CWP 5031-2024(O&M)
इस निर्णय का संक्षिप्त निष्कर्ष निम्नलिखित है:
1. याचिकाएं स्वीकार कर ली गईं। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने सभी संबंधित रिट याचिकाओं को मंजूर कर दिया।
2. 3rd ACP देने से इनकार करने का आदेश रद्द। 05.06.2023 का वह आदेश, जिसके द्वारा कर्मचारियों को 3rd ACP से वंचित किया गया था, न्यायालय ने निरस्त कर दिया।
3. 24 वर्ष की नियमित एवं संतोषजनक सेवा पूरी होने की तिथि से 3rd ACP देने का निर्देश। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि कर्मचारियों को 2016 के हरियाणा ACP नियमों के अनुसार 24 वर्ष की नियमित सेवा पूरी होने की तिथि से 3rd ACP का लाभ दिया जाए।
4. शैक्षणिक योग्यता के अभाव में ACP नहीं रोकी जा सकती। अदालत ने कहा कि ACP केवल वित्तीय उन्नयन (Financial Upgradation) है, पदोन्नति (Promotion) नहीं। इसलिए केवल इस आधार पर कि कर्मचारी अगले पद की शैक्षणिक योग्यता पूरी नहीं करता, 3rd ACP से वंचित नहीं किया जा सकता।
5. बकाया राशि 6 सप्ताह में देने का आदेश। न्यायालय ने सभी एरियर एवं अन्य वित्तीय लाभों की गणना कर 6 सप्ताह के भीतर भुगतान करने का निर्देश दिया।
व्यावहारिक प्रभाव
यदि कोई हरियाणा सरकार/स्थानीय निकाय का कर्मचारी केवल इसलिए 3rd ACP से वंचित किया गया है कि उसके पास अगले पद के लिए आवश्यक शैक्षणिक योग्यता या प्रमोशनल योग्यता नहीं है, तो यह निर्णय उसके पक्ष में एक महत्वपूर्ण मिसाल (precedent) है। ACP को पदोन्नति नहीं बल्कि वित्तीय लाभ माना गया है।
Full Judgement Below
Friday, May 29, 2026
CWP No. 29139 -2024 के तहत माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विज्ञापन संख्या 02/2023 के अंतर्गत टीजीटी (ROH & MEWAT CADRE) और 04/2023 के अंतर्गत टीजीटी पंजाबी (ROH) का परिणाम जारी
CWP No. 29139 -2024 के तहत माननीय उच्च न्यायालय के निर्देशानुसार विज्ञापन संख्या 02/2023 के अंतर्गत टीजीटी (ROH & MEWAT CADRE) और 04/2023 के अंतर्गत टीजीटी पंजाबी (ROH) का परिणाम जारी कर दिया गया
रिजल्ट लिंक :
(02/2023)
https://hssc.gov.in/file/ac1f23cd-9d9c-1328-819e-6ee6aeec0025/result
04/2023
https://hssc.gov.in/file/ac1f23cd-9d9c-1328-819e-6ee7482a0027/result
Wednesday, May 27, 2026
Detail Order of Guest Teacher Case चंडीगढ़ : "कोर्ट से न्याय की 20 साल लंबी लड़ाई जीते गेस्ट टीचर
कोर्ट बोला - 'स्पेयर पार्ट' नहीं हैं मास्टर जी, दो महीने में करो नियमित"
"20 साल का वनवास खत्म: हाईकोर्ट का बड़ा फैसला - 2 महीने में सभी गेस्ट टीचर होंगे पक्के"
Detail Order of Case
Monday, May 25, 2026
Teacher Transfer Related Case Order in Punjab and Haryana High court Dated 21 May 2026
यह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (चंडीगढ़) का एक मुख्य अदालती आदेश है, जिसे माननीय जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और माननीय जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने 21 मई 2026 को सुनाया था। इस पूरे मामले का मुख्य केंद्र बिंदु हरियाणा सरकार की सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई ट्रांसफर यानी स्थानांतरण नीति थी, जिसे विजय चौधरी, सविता मारवाहा, अमितेश बोकेन और कई अन्य कर्मचारियों ने याचिकाओं के माध्यम से अदालत में चुनौती दी थी। इन कर्मचारियों का मुख्य ऐतराज यह था कि सरकार ने इस नीति को बनाने में अतार्किक और गलत आधार चुने हैं, और खासकर ट्रांसफर करने के लिए कर्मचारियों की उम्र को जरूरत से ज्यादा और बेवजह का महत्व दे दिया हैइस गंभीर विषय पर हाई कोर्ट ने पहले भी कई बार सुनवाई की थी और राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वे इस नीति की कमियों को देखें और नियमों के मुताबिक एक सही ढांचा तैयार करें।
इस अंतिम सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के एडवोकेट जनरल प्रविंद्रा सिंह चौहान कोर्ट में हाजिर हुए और उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए अदालत को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस ट्रांसफर नीति में बड़ा सुधार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने कोर्ट के सामने एक नया फार्मूला रखा जिसके तहत अब ट्रांसफर तय करने में उम्र को केवल 25% और कैडर के अनुभव को भी 25% ही महत्व दिया जाएगा, जबकि बाकी बचे हुए 50% हिस्से में कर्मचारियों की विशेष परिस्थितियों और दिक्कतों को नीति में शामिल किया जाएगा।
सरकार के इस सकारात्मक रुख को देखने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि जब राज्य सरकार खुद इस नीति पर दोबारा विचार करने और एक नई न्यायसंगत नीति लाने को राजी हो गई है, तो इन मुकदमों को कोर्ट में और आगे खींचने या लंबित रखने का कोई मतलब नहीं बनता。 इसी आधार पर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए इस पूरे मामले और
Sunday, May 24, 2026
दिनांक 21 मई 2026 का माननीय सुप्रीम कोर्ट का असम के Work Charged एवं Muster Roll कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय
⚖️ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला कर्मचारियों के पक्ष में ⚖️
दिनांक 21 मई 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने असम के Work Charged एवं Muster Roll कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने एक ही नीति के तहत लगभग 30,000 कर्मचारियों को नियमित कर दिया है, तो समान परिस्थितियों वाले बाकी कर्मचारियों को केवल clerical mistakes, प्रशासनिक लापरवाही या नाम छूट जाने के कारण वंचित नहीं किया जा सकता।
माननीय न्यायालय ने कहा कि: ✅ समान कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
✅ सरकार Article 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन नहीं कर सकती।
✅ “उमा देवी” निर्णय का गलत सहारा लेकर पहले से लागू नीति से पीछे नहीं हट सकती।
✅ सरकार एक “Model Employer” है और उसे अपने कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सरकार की नीति और आश्वासनों के आधार पर “Legitimate Expectation” थी कि
Friday, May 22, 2026
HIGH COURT OF PUNJAB AND HARYANA AT CHANDIGARH मे Stenographer का Result जारी Dated 22 May 2026
HIGH COURT OF PUNJAB AND HARYANA AT CHANDIGARH मे Stenographer का Result जारी।
Allotted Station” कॉलम के अनुसार District-wise candidates की संख्या इस प्रकार है:
District Candidates
Faridabad 38
Gurugram 32
Ambala 29
Karnal 26
Mewat at Nuh 18
Kurukshetra 12
Rohtak 11
Sonipat 11
Narnaul 11
Charkhi Dadri 10
Kaithal 10
Rewari 10
Palwal 10
Yamuna Nagar 12
Fatehabad 7
Thursday, April 16, 2026
ऐतिहासिक पोजिटिव फैसला आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण GROUP C&D को प्रत्यक्ष लाभ DATED 16 APRIL 2026
थैंक्स सुप्रीम कोर्ट...बधाई हो.....ऐतिहासिक पोजिटिव फैसला....आज सुप्रीम कोर्ट के फैसले के कारण GROUP C&D को प्रत्यक्ष लाभ तथा... गेस्ट टीचर्स को प्रत्यक्ष लाभ तो नहीं मिला लेकिन गेस्ट साथी जो याचिकाकर्ता थे...उनके कारण निकट भविष्य में....सभी के लिए लाभकारी निर्देश जारी हो...उसकी नींव जरूर रख दी है
Wednesday, March 25, 2026
Not to make any Transfer till 1 April 2026 : High Court
हरियाणा में चल रहे सरकारी तबादलों (Transfer Drive) को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। यह मामला 'रीतू मित्तल और अन्य बनाम हरियाणा राज्य' के नाम से कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की अदालत में हुई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से सौरभ दलाल, संकल्प गहलावत और उनके साथियों ने पैरवी की, जबकि सरकार का पक्ष सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल तनुश्री गुप्ता ने रखा।
सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि इसी विषय से जुड़ी एक कानूनी बहस अभी 'डिविजन बेंच' (उच्च न्यायालय की बड़ी पीठ) के सामने लंबित है। चूंकि मामला अभी बड़े जजों के विचाराधीन है, इसलिए राज्य सरकार ने अदालत में यह बयान दर्ज कराया है कि मौजूदा ट्रांसफर ड्राइव के तहत 1 अप्रैल 2026 तक किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किया जाएगा। सरकार के इस बयान का सीधा मतलब यह है कि अप्रैल की शुरुआत तक तबादलों की प्रक्रिया पर एक तरह से अस्थायी रोक लग गई है।
अदालत ने सरकार के इस बयान को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है। साथ ही, न्यायाधीश ने यह निर्देश भी दिया है कि इस आदेश की एक-एक प्रति उन सभी मुकदमों की फाइलों में भी लगा दी जाए जो इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, यह आदेश उन सभी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है जो वर्तमान तबादला प्रक्रिया के दायरे में आ रहे थे, क्योंकि अब उनकी किस्मत का फैसला 9 अप्रैल की अगली सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा।
Thursday, March 19, 2026
Tuesday, March 17, 2026
Transfer Related News from High Court Dated 16 March 2026
हरियाणा की शिक्षक स्थानांतरण नीति के गलियारों से एक बड़ी और सनसनीखेज खबर छनकर आ रही है। सूत्रों के अनुसार, कल माननीय उच्च न्यायालय के भीतर का माहौल काफी गर्माया हुआ रहा, जहाँ सरकार की मौजूदा ट्रांसफर पॉलिसी सीधे तौर पर न्याय के तराजू पर तौल दी गई। कोर्ट रूम के भीतर चली लंबी बहस के बाद जो जानकारी सामने आई है, वह उन हजारों शिक्षकों के लिए किसी झटके से कम नहीं है जो इस नीति के भरोसे बैठे थे माननीय जज साहब ने आज सरकार के पैरोकारों (AAG) की दलीलों को पूरी तरह दरकिनार करते हुए पॉलिसी की बुनियादी खामियों पर कड़े प्रहार किए।
सूत्रों का कहना है कि न्यायालय ने विशेष रूप से विकलांगों और कपल केस के बीच अंकों की असमानता को लेकर अपनी गहरी नाराजगी जताई है। लेकिन सबसे चौंकाने वाली और तार्किक टिप्पणी पुरुषों के अधिकारों को लेकर आई, जहाँ कोर्ट ने सीधा सवाल दागा कि क्या इस पूरी व्यवस्था में जेंट्स (पुरुषों) का कोई वजूद या अधिकार नहीं है? केवल एक पक्ष को वरीयता देने की नीति पर अदालत कतई संतुष्ट नहीं दिखी और यहाँ तक चेतावनी दे डाली कि यदि इस भेदभावपूर्ण नीति में सुधार नहीं किया गया, तो अगली सुनवाई पर पूरी पॉलिसी को 'क्रैश' यानी जड़ से खत्म करने के आदेश पारित कर दिए जाएंगे।
अदालत के इस कड़े रुख को देखते हुए सरकारी वकीलों ने स्थिति को संभालने की बहुत कोशिश की, लेकिन अनुभवी वकीलों की भारी-भरकम दलीलों के आगे उनकी एक न चली। आखिरकार सरकार ने इस मामले में गहराई से विचार करने के लिए 31 मार्च तक का समय मांगा है, जिसके चलते अब अगली सुनवाई 1 अप्रैल को तय की गई है। तब तक के लिए पूरी स्थानांतरण प्रक्रिया को 'होल्ड' पर डाल दिया गया है। गुप्त सूत्रों की मानें तो यह 1 अप्रैल की तारीख हरियाणा के शिक्षा विभाग और नीति निर्धारकों के लिए अग्निपरीक्षा साबित होने वाली है। अब सभी को आधिकारिक कोर्ट ऑर्डर का इंतज़ार है ताकि इस कानूनी दांव-पेच की परतें और भी साफ हो सकें।
#edumaters
Thursday, March 12, 2026
Teacher Transfer Policy पर 12 March 2026 की स्थिति पर विश्लेषण
हरियाणा में शिक्षकों के तबादलों का मामला अब महज़ प्रशासनिक प्रक्रिया न रहकर एक जटिल कानूनी दांव-पेंच बन गया है। पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय से 12 मार्च को जो ताज़ा आदेश निकलकर आया है, उसने इस पूरी 'ट्रांसफर ड्राइव' की नींव हिला दी है। अदालत के इस आदेश ने एक साथ कई याचिकाओं को नत्थी करते हुए यह स्पष्ट कर दिया है कि वर्तमान में सरकार की पूरी 'स्थानांतरण नीति' (Transfer Policy ) ही न्यायपालिका की सूक्ष्मबीन के नीचे है।
इस आदेश का सबसे गहरा असर उन शिक्षकों पर पड़ेगा जो अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर नए स्टेशनों की राह देख रहे हैं। न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति रोहित कपूर की खंडपीठ ने साफ लफ़्ज़ों में कहा है कि चूंकि विभाग की नीति को ही चुनौती दी गई है, इसलिए कैडर आवंटन या स्टेशनों का बँटवारा जो भी हो, वह स्थायी नहीं माना जाएगा। कानूनी शब्दावली में कहें तो अब होने वाला हर तबादला 'कोर्ट के अंतिम फैसले के अधीन' है। इसका सीधा अर्थ यह है कि यदि कल को अदालत इस नीति में कोई खामी पाती है या इसे रद्द करती है, तो विभाग द्वारा किए गए सभी आदेश ताश के पत्तों की तरह ढह सकते हैं।
हैरानी की बात यह है कि अदालत ने प्रक्रिया पर पूर्ण विराम (Stay) नहीं लगाया है, लेकिन सरकार के उत्साह पर 'अस्थायी लगाम' ज़रूर कस दी है। यह वैसी ही स्थिति है जैसे किसी मुसाफिर को चलने की इजाजत तो दे दी जाए, लेकिन साथ में यह चेतावनी भी दी जाए कि मंज़िल पर पहुँचने के बाद भी उसे वापस लौटना पड़ सकता है। सरकार के लिए अब यह चुनौती है कि वह 16 मार्च की अगली सुनवाई में अदालत को इस नीति की तार्किकता और पारदर्शिता पर कैसे संतुष्ट करती है।
फिलहाल, शिक्षक समुदाय के लिए यह स्थिति किसी अनिश्चितता से कम नहीं है। एक तरफ विभाग की कार्यप्रणाली है और दूसरी तरफ अदालत की सख्ती। सोमवार की सुनवाई यह तय करेगी कि तबादलों की यह गाड़ी अपनी मंज़िल तक पहुँचेगी या फिर नियमों की मरम्मत के लिए इसे वापस वर्कशॉप (विभाग) में भेजा जाएगा। तब तक, हर आदेश और हर लिस्ट पर 'सशर्त' की मुहर लगी रहेगी।
Stay on transfer orders CWP-7084-2026
Wednesday, March 11, 2026
ट्रांसफर अपडेट Dated 11 March 2026
अंतरजिला तबादले के अंतर्गत आज एक नई संशोधित लिस्ट(जिसमें 191 टीचर ऐड करके) जारी की गई है, जिसमे उन अध्यापकों को शामिल किया गया जिन्होंने ग्रीवेंस पोर्टल पर अपनी आपत्ति दर्ज करवाई थी...*
*साथ ही आज पीएम श्री और मॉडल संस्कृति स्कूल ट्रांसफ़र के लिए शेड्यूल जारी कर दिया गया है,जो 12 मार्च से शुरू होकर 4 अप्रैल तक चलेगा...*
*पहले चरण में रेगूलर अध्यापकों को मौका मिलेगा,उसके बाद अतिथि अध्यापकों को स्टेशन अलॉट किए जाएंगे...*
*आज जेबीटी अंतरजिला तबादले की संशोधित लिस्ट को देखकर लगता हैं कि कल कोर्ट की सुनवाई के लिए सरकार ने अपनी कमर पूरी तरह से कस रखी है, शायद ही कोर्ट के निर्णय से पॉलिसी पर कोई फर्क पड़े....*
*बाकी कल की कोर्ट की सुनवाई का इंतजार करे और धैर्य बनाए रखें....*
#edumaters
Tuesday, March 10, 2026
New ट्रांसफर अपडेट dated 09-03-2026 Evening
New ट्रांसफर अपडेट
*📢अंतरजिला तबादले में पार्टिसिपेट टीचर द्वारा डाली गई सभी ग्रीवेंस का निपटान करते हुए किसी एक आध को छोड़कर लगभग सभी को एक सिरे से नकारते हुए, ’रिक्वेस्ट नॉट एक्सेप्ट’ सभी के MIS पर अपडेट कर दिया गया है....*
*📢आज तबादले संबंधी डाले गए केसों की सुनवाई सिंगल बैंच में की गई, जिसमे सभी केसों को एक साथ अटैच करते हुए अगली तारीख 12 मार्च, लंच के तुरंत बाद सुनवाई तय की गई है...*
*📢आज की सुनवाई को देखते हुए लग रहा है कि मामला काफी पेचीदा है,ओर पूरी ट्रांसफर पॉलिसी पर पुनर्विचार करने के लिए विभाग को नोटिस मिल सकता है, और पूरी पॉलिसी प्रभावित हो सकती हैं...*
*अब मेल टीचर के लिए कोर्ट ही एकमात्र आस दिख रही है.....*
*📢लेकिन विभाग भी ट्रांसफर संबंधी अपनी सभी दलीलें पूरे तथ्यों के साथ पेश करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है,बाकी अब अगली सुनवाई पर ही तय होगा कि ऊंट किस करवट बैठता है...???*
टीचर्स ट्रांसफर से सम्बन्धित केस CWP No. 3219, 3530, 3585, 4280, 4380 of 2026 की अगली सुनवाई 16 मार्च को होगी
*आगे की अपडेट के लिए धैर्य बनाए रखें...*
#edumaters



































