Order का सारांश - हिंदी में
*विषय*: स्कूल के कमरों को अनुपयोगी घोषित करने और सामान की नीलामी के लिए जिला स्तरीय समिति के गठन में संशोधन
*आदेश संख्या*: No. 2/201-2026 Works (2)
*दिनांक*: 17.07.2026, चंडीगढ़
#### *1. मुख्य बात*
2011 के पुराने आदेश को संशोधित करके अब *स्कूल के जर्जर/असुरक्षित कमरों* को तोड़ने और उनका सामान नीलाम करने के अधिकार *जिला स्तरीय समिति* को दिए गए हैं। अब इसके लिए निदेशालय से अनुमति लेने की जरूरत नहीं है।
#### *2. नई जिला स्तरीय समिति के सदस्य:*
1. *अतिरिक्त उपायुक्त* - ADC
2. *कार्यकारी अभियंता* - SSA (RMSA) / PWD (B&R) / PR / हरियाणा सरकार के किसी भी सिविल विभाग के XEN
3. *जिला शिक्षा अधिकारी / जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी*
4. *संबंधित स्कूल का मुखिया*
#### *3. समिति के अधिकार*
इस समिति को अब ये अधिकार हैं:
1. *स्कूल बिल्डिंग की सुरक्षा जांच करना*
2. *कमरों को अनुपयोगी/असुरक्षित घोषित करना*
3. *नीलामी की दर तय करना और नीलामी करवाना*
#### *4. जरूरी शर्त*
1. ऐसे केस अब *सेकेंडरी और एलीमेंट्री शिक्षा निदेशालय* को अप्रूवल के लिए नहीं भेजे जाएंगे।
2. लेकिन समिति को *कमरों को अनुपयोगी घोषित करने* और *नए कमरे बनाने के लिए फंड* की जानकारी समय पर संबंधित निदेशालय को देनी होगी।
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*जारीकर्ता*: विजय सिंह दहिया, IAS
*पद*: प्रधान सचिव, हरियाणा सरकार, स्कूल शिक्षा विभाग, चंडीगढ़
### *सीधे शब्दों में मतलब:*
अब अगर किसी सरकारी स्कूल का कमरा टूटा-फूटा या खतरनाक है, तो ADC की अध्यक्षता वाली जिला कमेटी खुद ही उसे "Condemn" कर सकती है और नीलामी करवा सकती है। इसके लिए चंडीगढ़ ऑफिस के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इससे काम जल्दी होगा।







