Saturday, October 10, 2026
Tuesday, August 11, 2026
Wednesday, July 29, 2026
Tentative revised schedule for data verification and authentication for the upcoming online teacher transfer drive 2026
Tuesday, July 28, 2026
Updation of Organization details for Couple Case on MIS Portal (by Aug 2, 2026) under the Teachers Transfer Policy, 2026.
Updation of Organization details for Couple Case on MIS Portal (by Aug 2, 2026) under the Teachers Transfer Policy, 2026.
Read & follow steps for couple case points
Thursday, July 23, 2026
Legal notice for Removing the anomaly arising out of the implementation of the Teacher Transfer Policy, 2026 Dated 23-07-2026
*लीगल नोटिस का सारांश*
*प्रेषक:*
संचित पुनिया, एडवोकेट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़
दिनांक: 23.07.2026
*प्रति:*
1. अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग, सिविल सचिवालय, चंडीगढ़
2. निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा, शिक्षा सदन, सेक्टर-5, पंचकूला
3. निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, हरियाणा, शिक्षा सदन, सेक्टर-5, पंचकूला
*विषय:*
टीचर ट्रांसफर पॉलिसी, 2026 को लागू करने से उत्पन्न विसंगति को दूर करने के संबंध में लीगल नोटिस।
मांग है कि हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कर्मचारियों द्वारा दी गई _पूरी निरंतर नियमित सरकारी सेवा_, जिसमें पदोन्नति से पहले फीडर टीचिंग कैडर की सेवा भी शामिल है, उसे "कैडर में अनुभव" के अंक निर्धारण में गिना जाए।
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*मुख्य बिंदु:*
*1. समस्या क्या है*
पॉलिसी 2026 में "कैडर में अनुभव" के 30 अंक केवल उसी तारीख से गिने जा रहे हैं जिस दिन शिक्षक ने वर्तमान कैडर जॉइन किया। इस कारण पदोन्नति से पहले फीडर कैडर में की गई सेवा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
*2. इससे क्या नुकसान हुआ*
- जिन शिक्षकों ने कई साल सरकारी सेवा की है लेकिन प्रमोशन लिया, उनके अनुभव के अंक कम हो गए।
- जो शिक्षक सीधी भर्ती से नए कैडर में आए, उन्हें ज्यादा अंक मिल रहे हैं।
- इससे ट्रांसफर मेरिट घट गई और पसंदीदा स्टेशन मिलने के अवसर कम हो गए।
*3. कानूनी तर्क*
- पदोन्नति सेवा में उन्नति है, नई नियुक्ति नहीं। फीडर कैडर की सेवा निरंतर सेवा का अभिन्न हिस्सा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती और पदोन्नत कर्मचारी एक ही वर्ग बन जाते हैं। उनके कर्तव्य, अधिकार और सेवा शर्तें समान होती हैं। केवल पदोन्नत कर्मचारियों की पिछली सेवा न गिनना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
- अनुभव के अंक देने का उद्देश्य ही लंबे समय की सेवा से अर्जित ज्ञान, कौशल और परिपक्वता को मान्यता देना है। पदोन्नति से अनुभव समाप्त नहीं होता।
*4. पिछली पॉलिसी*
2016, 2017, 2023 और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी में पदोन्नत शिक्षकों की पिछली नियमित सरकारी सेवा को बाहर नहीं किया गया था।
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*मांगें:*
1. टीचर ट्रांसफर पॉलिसी, 2026 में उत्पन्न विसंगति को दूर किया जाए और "कैडर में अनुभव" में पूरी निरंतर सरकारी सेवा को शामिल किया जाए।
2. ट्रांसफर के लिए "अनुभव" के अंक देते समय कैडर को न देखा जाए, पूरी सेवा को गिना जाए।
3. सभी प्रभावित शिक्षकों की ट्रांसफर मेरिट उनकी सरकारी सेवा में पहली नियुक्ति की तारीख से दोबारा गिनी जाए।
4. "कैडर में अनुभव" वाले प्रावधान को तब तक स्थगित किया जाए जब तक उपरोक्त विसंगति को ठीक करके मेरिट को कानून के अनुसार संशोधित न कर दिया जाए।
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सभी खर्चों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी
Tuesday, July 21, 2026
Monday, May 25, 2026
Teacher Transfer Related Case Order in Punjab and Haryana High court Dated 21 May 2026
यह पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट (चंडीगढ़) का एक मुख्य अदालती आदेश है, जिसे माननीय जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा और माननीय जस्टिस रोहित कपूर की बेंच ने 21 मई 2026 को सुनाया था। इस पूरे मामले का मुख्य केंद्र बिंदु हरियाणा सरकार की सरकारी कर्मचारियों के लिए बनाई गई ट्रांसफर यानी स्थानांतरण नीति थी, जिसे विजय चौधरी, सविता मारवाहा, अमितेश बोकेन और कई अन्य कर्मचारियों ने याचिकाओं के माध्यम से अदालत में चुनौती दी थी। इन कर्मचारियों का मुख्य ऐतराज यह था कि सरकार ने इस नीति को बनाने में अतार्किक और गलत आधार चुने हैं, और खासकर ट्रांसफर करने के लिए कर्मचारियों की उम्र को जरूरत से ज्यादा और बेवजह का महत्व दे दिया हैइस गंभीर विषय पर हाई कोर्ट ने पहले भी कई बार सुनवाई की थी और राज्य सरकार को आदेश दिए थे कि वे इस नीति की कमियों को देखें और नियमों के मुताबिक एक सही ढांचा तैयार करें।
इस अंतिम सुनवाई के दौरान हरियाणा सरकार के एडवोकेट जनरल प्रविंद्रा सिंह चौहान कोर्ट में हाजिर हुए और उन्होंने सरकार का पक्ष रखते हुए अदालत को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार इस ट्रांसफर नीति में बड़ा सुधार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। सरकार ने कोर्ट के सामने एक नया फार्मूला रखा जिसके तहत अब ट्रांसफर तय करने में उम्र को केवल 25% और कैडर के अनुभव को भी 25% ही महत्व दिया जाएगा, जबकि बाकी बचे हुए 50% हिस्से में कर्मचारियों की विशेष परिस्थितियों और दिक्कतों को नीति में शामिल किया जाएगा।
सरकार के इस सकारात्मक रुख को देखने के बाद हाई कोर्ट ने माना कि जब राज्य सरकार खुद इस नीति पर दोबारा विचार करने और एक नई न्यायसंगत नीति लाने को राजी हो गई है, तो इन मुकदमों को कोर्ट में और आगे खींचने या लंबित रखने का कोई मतलब नहीं बनता。 इसी आधार पर जस्टिस अश्वनी कुमार मिश्रा ने फैसला सुनाते हुए इस पूरे मामले और
Thursday, March 26, 2026
ट्रांसफर ड्राइव न्यूज़ 26-03-2026
निदेशालय से मिली रिपोर्ट अनुसार आज सभी पार्टिसिपेंट टीचर्स की एलोकेशन रिपोर्ट IT CELL ने जनरेट कर निदेशक महोदय को फॉरवर्ड कर दी, निदेशक महोदय के आज ऑफिस मे न होने के कारण कल साइन होंगे, उसके बाद अप्रूवल के किये ACS साहब के पास फ़ाइल भेजी जाएगी, तय समय अनुसार 28 मार्च को ऑफिसियल आर्डर जारी हो जाएंगे
*गेस्ट टीचर्स के लिये 29 मार्च से 1 अप्रैल तक पोर्टल पर चॉइस भरी जाएगी*
Wednesday, March 25, 2026
Not to make any Transfer till 1 April 2026 : High Court
हरियाणा में चल रहे सरकारी तबादलों (Transfer Drive) को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। यह मामला 'रीतू मित्तल और अन्य बनाम हरियाणा राज्य' के नाम से कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की अदालत में हुई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से सौरभ दलाल, संकल्प गहलावत और उनके साथियों ने पैरवी की, जबकि सरकार का पक्ष सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल तनुश्री गुप्ता ने रखा।
सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि इसी विषय से जुड़ी एक कानूनी बहस अभी 'डिविजन बेंच' (उच्च न्यायालय की बड़ी पीठ) के सामने लंबित है। चूंकि मामला अभी बड़े जजों के विचाराधीन है, इसलिए राज्य सरकार ने अदालत में यह बयान दर्ज कराया है कि मौजूदा ट्रांसफर ड्राइव के तहत 1 अप्रैल 2026 तक किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किया जाएगा। सरकार के इस बयान का सीधा मतलब यह है कि अप्रैल की शुरुआत तक तबादलों की प्रक्रिया पर एक तरह से अस्थायी रोक लग गई है।
अदालत ने सरकार के इस बयान को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है। साथ ही, न्यायाधीश ने यह निर्देश भी दिया है कि इस आदेश की एक-एक प्रति उन सभी मुकदमों की फाइलों में भी लगा दी जाए जो इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, यह आदेश उन सभी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है जो वर्तमान तबादला प्रक्रिया के दायरे में आ रहे थे, क्योंकि अब उनकी किस्मत का फैसला 9 अप्रैल की अगली सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा।
Friday, March 20, 2026
Tuesday, March 10, 2026
Transfer Related Information from High Court Dated 10-03-2026
यह मुख्य रूप से रितु मित्तल (Reetu Mittal) और अन्य शिक्षकों द्वारा दायर किया गया मामला है। इसमें कुल 5 याचिकाओं (CWP-3219, 3530, 3585, 4280 और 4380) को एक साथ जोड़कर सुना जा रहा है। ये सभी याचिकाएँ हरियाणा सरकार की नई टीचर ट्रांसफर पॉलिसी 2025 की कुछ धाराओं (Clauses) को चुनौती दे रही हैं।
2. कोर्ट में क्या हुआ? (Order Analysis)
आदेश की कॉपी के अनुसार, 24 फरवरी 2026 को जस्टिस त्रिभुवन दहिया (Tribhuvan Dahiya) की अदालत में सुनवाई हुई थी:
सरकार का पक्ष: हरियाणा सरकार की वकील (Tanushree Gupta, Senior DAG) ने कोर्ट को बताया कि जिस "ट्रांसफर पॉलिसी" की धाराओं को यहाँ चुनौती दी जा रही है, वे धाराएँ पहले से ही 'डिवीजन बेंच' (Division Bench) के सामने विचाराधीन हैं।
मतलब: डिवीजन बेंच (दो जजों की बेंच) सिंगल जज से बड़ी होती है। जब एक ही मुद्दा बड़ी बेंच के पास चल रहा होता है, तो सिंगल जज आमतौर पर बड़ी बेंच के फैसले का इंतज़ार करता है।
3. 'Adjourned to 10.03.2026' का अर्थ
24 फरवरी को जज साहब ने इस केस को आज यानी 10 मार्च 2026 के लिए टाल (Adjourn) दिया था।
आज की सुनवाई का मुख्य उद्देश्य यही रहा होगा कि इन सभी केसों को उस 'डिवीजन बेंच' के साथ जोड़ दिया जाए जहाँ मुख्य मामला चल रहा है, या फिर बड़ी बेंच के आदेश के अनुसार आगे बढ़ा जाए।
जैसा कि आपने पहले बताया कि अब अगली तारीख 16 मार्च 2026 मिली है, इसका मतलब है कि कोर्ट इस मामले को बहुत बारीकी से देख रहा है और सरकार से इस पर और स्पष्टीकरण या रिपोर्ट माँगी गई है।
निष्कर्ष और आपके लिए मुख्य बात
चूँकि आप खुद हरियाणा शिक्षा विभाग और ट्रांसफर ड्राइव से जुड़े अपडेट्स पर नजर रखते हैं, तो आपके लिए समझना यह जरूरी है:
पॉलिसी पर खतरा: अगर डिवीजन बेंच ने पॉलिसी की उन धाराओं को अवैध घोषित कर दिया, तो पूरे हरियाणा का 'टीचर ट्रांसफर ड्राइव' अटक सकता है या उसमें बड़ा बदलाव करना पड़ सकता है।
स्टे (Stay) की संभावना: फिलहाल कोर्ट ने पॉलिसी पर पूरी तरह रोक नहीं लगाई है, लेकिन 'चुनौती' (Challenge) मिलने का मतलब है कि सरकार को अपनी पॉलिसी का बचाव कोर्ट में पुरजोर तरीके से करना होगा।
शिक्षकों की जीत: रितु मित्तल और अन्य साथियों का तर्क संभवतः यह है कि पॉलिसी की कुछ शर्तें शिक्षकों के अधिकारों का उल्लंघन करती हैं या नियमों के खिलाफ हैं
ट्रांसफर पॉलिसी case नेक्स्ट डेट 12 मार्च लंच के तुरंत बाद सुना जाएगा
Thursday, February 26, 2026
DOWNLOAD JBT INTERDISTRICT TRANSFER LIST 26-02-2026
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Saturday, February 14, 2026
Sunday, January 11, 2026
Latest News About Teacher Transfer Drive 2025
आज शिक्षा मंत्री जी ने जिला नूहं में ट्रांसफर ड्राइव को लेकर पूछे एक सवाल के प्रत्युत्तर में ट्रांसफर ड्राइव को 31 मार्च तक पूर्ण करने की वचनबद्धता दोहराई। मंत्री जी के अनुसार सभी अध्यापकों को 1 अप्रैल को नए विद्यालय में ज्वाइनिंग दी जाएगी।


























