Wednesday, March 25, 2026

Not to make any Transfer till 1 April 2026 : High Court

 हरियाणा में चल रहे सरकारी तबादलों (Transfer Drive) को लेकर पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने एक महत्वपूर्ण स्थिति स्पष्ट की है। यह मामला 'रीतू मित्तल और अन्य बनाम हरियाणा राज्य' के नाम से कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी सुनवाई न्यायमूर्ति त्रिभुवन दहिया की अदालत में हुई। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए याचिकाकर्ताओं की ओर से सौरभ दलाल, संकल्प गहलावत और उनके साथियों ने पैरवी की, जबकि सरकार का पक्ष सीनियर डिप्टी एडवोकेट जनरल तनुश्री गुप्ता ने रखा।

सुनवाई के दौरान सबसे महत्वपूर्ण मोड़ तब आया जब सरकारी वकील ने अदालत को सूचित किया कि इसी विषय से जुड़ी एक कानूनी बहस अभी 'डिविजन बेंच' (उच्च न्यायालय की बड़ी पीठ) के सामने लंबित है। चूंकि मामला अभी बड़े जजों के विचाराधीन है, इसलिए राज्य सरकार ने अदालत में यह बयान दर्ज कराया है कि मौजूदा ट्रांसफर ड्राइव के तहत 1 अप्रैल 2026 तक किसी भी कर्मचारी का स्थानांतरण आदेश जारी नहीं किया जाएगा। सरकार के इस बयान का सीधा मतलब यह है कि अप्रैल की शुरुआत तक तबादलों की प्रक्रिया पर एक तरह से अस्थायी रोक लग गई है।

अदालत ने सरकार के इस बयान को स्वीकार करते हुए मामले की अगली सुनवाई के लिए 9 अप्रैल 2026 की तारीख तय की है। साथ ही, न्यायाधीश ने यह निर्देश भी दिया है कि इस आदेश की एक-एक प्रति उन सभी मुकदमों की फाइलों में भी लगा दी जाए जो इस मामले से सीधे तौर पर जुड़े हुए हैं। कुल मिलाकर, यह आदेश उन सभी कर्मचारियों के लिए एक बड़ी खबर है जो वर्तमान तबादला प्रक्रिया के दायरे में आ रहे थे, क्योंकि अब उनकी किस्मत का फैसला 9 अप्रैल की अगली सुनवाई के बाद ही साफ हो पाएगा।



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