Friday, July 31, 2026
Exam Date declared for court clerical posts
हरियाणा 23 जिलो में 1265 कोर्ट क्लर्क भर्ती का फॉर्म जिसने भरा था एग्जाम डेट आ गई है 24 अगस्त से 7 सितंबर तक पेपर होगा,17 से एडमिट कार्ड आएंगे
SIR 2026 : Download Draft List 31.07.2026 (Check Your Name in Voter Draft List 31.07.2026)
SIR 2026 : Download Draft List 31.07.2026 (Check Your Name in Voter Draft List 31.07.2026)
Thursday, July 30, 2026
Preference Selection for various post under Group-25 against Advt. no. 08/2024
विज्ञापन संख्या 08/2024 ग्रुप संख्या 25 के तहत विभिन्न पदों के लिए Preference Selection Portal खोल दिया गया हैं।
अभ्यर्थी दिए गए लिंक के माध्यम से 01 अगस्त 2026 रात 11:59 मिनट तक अपना PREFERENCE भर सकते हैं।
Preference भरने हेतु लिंक:
https://groupcprefs.hryssc.com/
Wednesday, July 29, 2026
Tentative revised schedule for data verification and authentication for the upcoming online teacher transfer drive 2026
Tuesday, July 28, 2026
HPSC ADA Recruitment 2025 Screening Test Result Declared
HPSC ADA Recruitment 2025 | Screening Test Result Declared
The Haryana Public Service Commission (HPSC) has declared the Screening Test Result for the posts of Assistant District Attorney, Prosecution Department, Haryana (Advertisement No. 18/2025).
The Screening Test was conducted on 05 July 2026, and the list of provisionally shortlisted candidates for the Subject Knowledge Test has been published.
The published roll numbers are arranged in ascending order and not in order of merit. Shortlisting is provisional and subject to fulfillment of all other eligibility conditions.
Candidates are advised to check the official HPSC result notification to verify their roll numbers and stay updated regarding the schedule for the Subject Knowledge Test.
Notice to the Candidates regarding submission of Grievances for the post of Primary Teacher (Mewat Cadre) against Advt. No. 05/2024, Cat. No. 01
Updation of Organization details for Couple Case on MIS Portal (by Aug 2, 2026) under the Teachers Transfer Policy, 2026.
Updation of Organization details for Couple Case on MIS Portal (by Aug 2, 2026) under the Teachers Transfer Policy, 2026.
Read & follow steps for couple case points
E-mail List of Technical Resources All Haryana
Monday, July 27, 2026
हरियाणा: DIETs में ट्रांसफर बेसिस पर होगी सीनियर्स लेक्चरर और PGTs की भर्ती
हरियाणा: DIETs में ट्रांसफर बेसिस पर होगी सीनियर्स लेक्चरर और PGTs की भर्ती, ऑनलाइन आवेदन 28 जुलाई से शुरू
चंडीगढ़:
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने राज्य के जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों (DIETs) में खाली पड़े पदों को ट्रांसफर बेसिस (Transfer Basis) पर भरने के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। विभाग द्वारा जारी आधिकारिक नोटिस के अनुसार, केवल वही उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं जो वर्तमान में सरकारी स्कूलों में नियमित कैडर के प्रिंसिपल या पीजीटी/लेक्चरर के रूप में कार्यरत हैं।
इच्छुक और योग्य अधिकारी/कर्मचारी 28 जुलाई 2026 से 3 अगस्त 2026 तक एमआईएस (MIS) पोर्टल के जरिए ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकते हैं।
📌 किन पदों के लिए मंगाए गए हैं आवेदन?
* सीनियर लेक्चरर (Senior Lecturer): इस पद के लिए केवल नियमित स्कूल कैडर के प्रिंसिपल्स आवेदन कर सकते हैं।
* सब्जेक्ट स्पेशलिस्ट / लेक्चरर / पीजीटी (Subject Specialist/Lecturer/PGTs): इस पद के लिए नियमित स्कूल कैडर के पीजीटी/लेक्चरर पात्र हैं।
🎓 शैक्षणिक योग्यता (Qualifications)
* मास्टर डिग्री: संबंधित विषय में मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम 50% अंकों के साथ पोस्ट ग्रेजुएशन (M.A./M.Sc. आदि) होना अनिवार्य है।
* प्रोफेशनल डिग्री (निम्न में से कम से कम एक शर्त पूरी होना आवश्यक):
* न्यूनतम 50% अंकों के साथ M.Ed. या M.A. (Education)।
* संबंधित शिक्षण विषय में M.Phil. या Ph.D. के साथ 50% अंकों के साथ B.Ed.।
📊 चयन प्रक्रिया और अंकों का विवरण (Selection Criteria - कुल 50 अंक)
उम्मीदवारों का अंतिम चयन साक्षात्कार (Interview) और शैक्षणिक योग्यताओं के आधार पर किया जाएगा। अंकों का वितरण निम्न प्रकार से होगा:
| योग्यता / मापदंड | अधिकतम अंक | अंक निर्धारण का नियम |
|---|---|---|
| M.A./M.Sc./M.P.Ed. | 10 अंक | प्राप्त प्रतिशत का 10% |
| M.Ed./M.A. Education | 10 अंक | प्राप्त प्रतिशत का 10% |
| B.Ed. | 05 अंक | प्राप्त प्रतिशत का 5% |
| M.Phil | 05 अंक | प्राप्त प्रतिशत का 5% |
| Ph.D / D.Lit. | 05 अंक | एकमुश्त 5 अंक |
| अनुभव (Experience) | 05 अंक | प्रति वर्ष 0.5 अंक (अधिकतम 5) |
| इंटरव्यू (Viva) | 10 अंक | साक्षात्कार के आधार पर |
| कुल अंक | 50 अंक | |
⚠️ महत्वपूर्ण नियम व शर्तें (Key Guidelines)
* स्टेशन सीमा: उम्मीदवार केवल एक ही स्टेशन के लिए आवेदन कर सकता है।
* मेवात कैडर: मेवात कैडर के प्रिंसिपल या पीजीटी केवल नूह (Nuh) जिले के DIET के लिए ही आवेदन करने के पात्र हैं।
* आरोही और मॉडल संस्कृत स्कूल: यदि आरोही मॉडल स्कूल या मॉडल संस्कृति स्कूल में कार्यरत प्रिंसिपल/पीजीटी का वर्तमान स्थान पर कार्यकाल 3 वर्ष से कम है, तो उनका आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा।
* दस्तावेज़ संलग्नक: आवेदन पत्र के साथ एमआईएस पोर्टल से अपनी वर्तमान पोस्टिंग दर्शाने वाली 'सर्विस प्रोफाइल' (Service Profile) का प्रिंटआउट संलग्न करना अनिवार्य है। इसके अलावा अन्य कोई दस्तावेज साथ लगाने की आवश्यकता नहीं है।
* डिग्री वेटेज: उम्मीदवारों को पोर्टल पर अपनी B.Ed. सहित सभी योग्यताओं का विवरण भरना होगा। विवरण दर्ज न करने पर उस डिग्री (जैसे B.Ed.) का वेटेज/अंक नहीं मिलेगा।
* वेतनमान: चयनित उम्मीदवारों का ट्रांसफर वर्तमान वेतनमान और उन्हीं सेवा शर्तों पर किया जाएगा।
> आवेदन की तिथि: 28 जुलाई 2026 से 03 अगस्त 2026 तक (MIS Portal पर
Sunday, July 26, 2026
'HSSC: Download Marks of the candidates for the post of Primary Teacher (Mewat Cadre) against Advt. No. 05/2024, Cat. No. 01 of Elementary Education Department, Haryana
प्राइमरी टीचर (मेवात कैडर) के अभ्यर्थियों के Marks आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी कर दिए गए हैं। नीचे दिए गए लिंक के माध्यम से अपना Marks देख सकते हैं।
लिंक :
https://hssc.gov.in/file/ac1f23cd-9f7f-1923-819f-9e104a82000c/result
Saturday, July 25, 2026
OPS (पुरानी पेंशन) के लिए बधाई order Dated 09-07-2026
याचिकाकर्ताओं को OPS (पुरानी पेंशन) के लिए बधाई 🎉
हाईकोर्ट ने 9 जुलाई 2026 को OPS के 95 केसों का निपटारा किया है जिनको 2 केटेगरी में बांटा है और दोनों ही केटेगरी के याचिकाकर्ताओं को OPS के लिए eligible (योग्य) माना है
एक केस ex -gratia का भी इसमें शामिल है, उसे भी OPS के लिए eligible (योग्य) माना है
याचिकाकर्ताओं द्वारा फैसले की प्रमाणित कॉपी विभाग को देने के बाद 6 सप्ताह में OPS के सभी लाभ देने के लिए विभाग को आदेश दिया है
CWP No. 395 of 2025 व उसके साथ Attached OPS के केस भी अब इसी कोर्ट में हैं और 9 जुलाई के फैंसले में दूसरी केटेगरी से काफी-मिलते-जुलते हैं
CWP No. 395 of 2025 व उसके साथ Attached OPS के केसों में भी ऐसा ही फैंसला आने की उम्मीद है
Friday, July 24, 2026
Thursday, July 23, 2026
Legal notice for Removing the anomaly arising out of the implementation of the Teacher Transfer Policy, 2026 Dated 23-07-2026
*लीगल नोटिस का सारांश*
*प्रेषक:*
संचित पुनिया, एडवोकेट
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट, चंडीगढ़
दिनांक: 23.07.2026
*प्रति:*
1. अतिरिक्त मुख्य सचिव, हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग, सिविल सचिवालय, चंडीगढ़
2. निदेशक, माध्यमिक शिक्षा, हरियाणा, शिक्षा सदन, सेक्टर-5, पंचकूला
3. निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा, हरियाणा, शिक्षा सदन, सेक्टर-5, पंचकूला
*विषय:*
टीचर ट्रांसफर पॉलिसी, 2026 को लागू करने से उत्पन्न विसंगति को दूर करने के संबंध में लीगल नोटिस।
मांग है कि हरियाणा सरकार के स्कूल शिक्षा विभाग के अंतर्गत कर्मचारियों द्वारा दी गई _पूरी निरंतर नियमित सरकारी सेवा_, जिसमें पदोन्नति से पहले फीडर टीचिंग कैडर की सेवा भी शामिल है, उसे "कैडर में अनुभव" के अंक निर्धारण में गिना जाए।
---
*मुख्य बिंदु:*
*1. समस्या क्या है*
पॉलिसी 2026 में "कैडर में अनुभव" के 30 अंक केवल उसी तारीख से गिने जा रहे हैं जिस दिन शिक्षक ने वर्तमान कैडर जॉइन किया। इस कारण पदोन्नति से पहले फीडर कैडर में की गई सेवा को पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया गया है।
*2. इससे क्या नुकसान हुआ*
- जिन शिक्षकों ने कई साल सरकारी सेवा की है लेकिन प्रमोशन लिया, उनके अनुभव के अंक कम हो गए।
- जो शिक्षक सीधी भर्ती से नए कैडर में आए, उन्हें ज्यादा अंक मिल रहे हैं।
- इससे ट्रांसफर मेरिट घट गई और पसंदीदा स्टेशन मिलने के अवसर कम हो गए।
*3. कानूनी तर्क*
- पदोन्नति सेवा में उन्नति है, नई नियुक्ति नहीं। फीडर कैडर की सेवा निरंतर सेवा का अभिन्न हिस्सा है, इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
- पदोन्नति के बाद सीधी भर्ती और पदोन्नत कर्मचारी एक ही वर्ग बन जाते हैं। उनके कर्तव्य, अधिकार और सेवा शर्तें समान होती हैं। केवल पदोन्नत कर्मचारियों की पिछली सेवा न गिनना संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन है।
- अनुभव के अंक देने का उद्देश्य ही लंबे समय की सेवा से अर्जित ज्ञान, कौशल और परिपक्वता को मान्यता देना है। पदोन्नति से अनुभव समाप्त नहीं होता।
*4. पिछली पॉलिसी*
2016, 2017, 2023 और 2025 की ट्रांसफर पॉलिसी में पदोन्नत शिक्षकों की पिछली नियमित सरकारी सेवा को बाहर नहीं किया गया था।
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*मांगें:*
1. टीचर ट्रांसफर पॉलिसी, 2026 में उत्पन्न विसंगति को दूर किया जाए और "कैडर में अनुभव" में पूरी निरंतर सरकारी सेवा को शामिल किया जाए।
2. ट्रांसफर के लिए "अनुभव" के अंक देते समय कैडर को न देखा जाए, पूरी सेवा को गिना जाए।
3. सभी प्रभावित शिक्षकों की ट्रांसफर मेरिट उनकी सरकारी सेवा में पहली नियुक्ति की तारीख से दोबारा गिनी जाए।
4. "कैडर में अनुभव" वाले प्रावधान को तब तक स्थगित किया जाए जब तक उपरोक्त विसंगति को ठीक करके मेरिट को कानून के अनुसार संशोधित न कर दिया जाए।
यदि मांगें नहीं मानी गईं तो सक्षम न्यायालय में कानूनी कार्रवाई की जाएगी और सभी खर्चों की जिम्मेदारी भी तय की जाएगी
जनगणना : एक अगस्त से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण
जनगणना : एक अगस्त से शुरू होगा जनगणना का दूसरा चरण, एसडीएम ने दिए निर्देश
*महेंद्रगढ़ में जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के सफल संचालन हेतु पटवारियों को प्रशिक्षित किया गया। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम उपमंडल अधिकारी (ना.) महेंद्रगढ़ योगेश सैनी की अध्यक्षता में राजकीय महाविद्यालय महेंद्रगढ़ के शांति देवी मेमोरियल हॉल में आयोजित हुआ। इसमें महेंद्रगढ़ एवं सतनाली तहसील के पटवारी शामिल हुए।*
*प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना-2027 के अंतर्गत डीसीएचबी (डिजिटल हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस) के डिजिटल माध्यम से डेटा संग्रहण संबंधी विस्तृत जानकारी दी गई। पटवारियों को कार्य को समयबद्ध और त्रुटिरहित ढंग से संपन्न कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए गए।*
`सावधानीपूर्वक सत्यापन करने दिया जोर`
एसडीएम योगेश सैनी ने इस अवसर पर कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण सांख्यिकीय प्रक्रिया है। इसके आधार पर ही विकास योजनाओं का निर्माण और संसाधनों का उचित आवंटन सुनिश्चित किया जाता है।
उन्होंने सभी पटवारियों से पूर्ण निष्ठा, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ इस महत्वपूर्ण दायित्व का निर्वहन करने का आह्वान किया। उन्होंने डेटा संग्रहण के दौरान प्रत्येक जानकारी का सावधानीपूर्वक सत्यापन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
तहसीलदार एवं चार्ज ऑफिसर जनगणना अजय कुमार सैनी ने उपस्थित अधिकारियों एवं पटवारियों को जनगणना-2027 के उद्देश्य, महत्व और विभिन्न चरणों की जानकारी दी। उन्होंने सभी अधिकारियों से आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का आग्रह किया, ताकि जनगणना का कार्य निर्धारित समय सीमा में सफलतापूर्वक पूरा हो सके।
नायब तहसीलदार बिजेंद्र शर्मा ने भी प्रतिभागियों को प्रशिक्षण के दौरान दिए गए दिशा-निर्देशों का गंभीरता से पालन करने और क्षेत्र में कार्य करते समय निर्धारित मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
`समस्याओं के समाधान की दी जानकारी`
प्रशिक्षण सत्र के दौरान जिला जनगणना समन्वयक एवं मास्टर ट्रेनर अनिकेत यादव ने पटवारियों को डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से डीसीएचबी डेटा संग्रहण की संपूर्ण प्रक्रिया का व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। उन्होंने डेटा एंट्री, सत्यापन, मोबाइल एप्लिकेशन के उपयोग, रिपोर्टिंग प्रक्रिया और फील्ड स्तर पर आने वाली संभावित समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की।
सहायक चार्ज ऑफिसर जनगणना राजेश शर्मा झाड़ली एवं दीपक कुमार शर्मा ने संयुक्त रूप से बताया कि जनगणना-2027 के द्वितीय चरण के अंतर्गत डीसीएचबी डेटा संग्रहण का कार्य 1 अगस्त से 31 अगस्त 2026 तक डिजिटल माध्यम से किया जाएगा।
APAAR ID की अनिवार्यता खत्म
APAAR ID की अनिवार्यता खत्म
*पेरेंट्स को मिलेगा हां या ना का विकल्प, देशभर में ओडिशा हाईकोर्ट का फैसला लागू*
*सुप्रीम कोर्ट ने APAAR ID को लेकर सख्त फैसला सुनाया है। कोर्ट का कहना है कोई भी स्कूल खुद बच्चों की अपार आईडी नहीं बना सकता। इसके लिए माता-पिता की मर्जी जरूरी है।*
`भुवनेश्वर के पेरेंट्स ने दायर की याचिका`
भुवनेश्वर के एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों के पेरेंट्स रोहित आनंद दास से APAAR ID बनाने के लिए सहमति मांगी। सहमति पत्र में इंकार या स्वीकृति देने जैसा कोई विकल्प नहीं था। इसके खिलाफ पेरेंट्स ने ओडिशा हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
`पहले से मना करने का अधिकार भी हो`
APAAR ID को सरकार स्वैच्छिक बता रही है, लेकिन सहमति पत्र में मना करने का विकल्प नहीं है। आधार और अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा करने से प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है। केवल बाद में सहमति वापस लेने का विकल्प पर्याप्त नहीं है। पहले से मना करने का अधिकार भी होना चाहिए।
`सरकार का फैसला पेरेंट्स के पक्ष में`
केंद्र और राज्य सरकार ने अदालत में कहा कि APAAR ID पूरी तरह स्वैच्छिक है। पेरेंट्स चाहें तो सहमति न दें और बाद में सहमति वापस भी ले सकते हैं। APAAR ID के कई मामलों में छात्र की ऊंचाई, वजन जैसी जानकारी भी दर्ज की जा सकती है। इसी वजह से नाबालिग छात्रों के लिए माता-पिता की सहमति अनिवार्य रखी गई है।
`छात्रों के अधिकार नहीं होंगे प्रभावित`
याचिका में यह भी मांग की गई थी कि अगर कोई छात्र APAAR ID नहीं बनवाता है, तो उसे एडमिशन, परीक्षा में रजिस्ट्रेशन, मार्कशीट, सर्टिफिकेट या किसी अन्य एकेडमिक सुविधा से दूर नहीं रखा किया जाना चाहिए।
`APAAR ID 12 अंकों की छात्र पहचान`
अपार आईडी (Automated Permanent Academic Account Registry) भारत सरकार की 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' पहल के तहत हर छात्र को दी जाने वाली 12 अंकों की स्थायी डिजिटल छात्र पहचान (स्टूडेंट आईडी) है।
इसे राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और एकेडमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC) की अवधारणा के अनुरूप विकसित किया गया है। इसका उद्देश्य छात्र के पूरे शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है।
`सरकार का दावा - छात्रों के हित में योजना`
सरकार और CBSE का कहना है कि APAAR ID छात्रों की सुविधा के लिए बनाई गई है। इसका उद्देश्य छात्रों का पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर सुरक्षित रखना है ताकि भविष्य में उन्हें बार-बार डॉक्यूमेंट्स जमा न करने पड़ें। सरकार का दावा है कि यह योजना पूरी तरह छात्रों के हित में है और इससे शिक्षा व्यवस्था अधिक पारदर्शी और आसान बनेगी।
`डाटा लीक होने का खतरा बढ सकता है`
याचिकाकर्ताओं और कई विशेषज्ञों ने इस योजना को लेकर कुछ गंभीर चिंताएं भी जताई हैं। उनका कहना है कि बच्चों का इतना बड़ा डिजिटल डाटा एक जगह इकट्ठा होने से डाटा लीक होने का खतरा बढ़ सकता है।
यदि किसी वजह से डाटा का गलत इस्तेमाल होता है तो बच्चों की प्राइवेसी प्रभावित हो सकती है। इसके अलावा कई पेरेंट्स का कहना है कि यदि APAAR ID को अनिवार्य बना दिया गया तो बिना आईडी वाले बच्चों को शिक्षा और परीक्षाओं में परेशानी हो सकती है।
Wednesday, July 22, 2026
प्रदेश में रिहायशी प्लॉटों पर बनने वाली स्टिल्ट+4 मंजिल (Stilt+4 Floors) इमारतों की मंजूरी पर रोक लगा दी है
पूरे हरियाणा में स्टिल्ट+4 मंजिल इमारतों की मंजूरी पर रोक, सरकार ने जारी किया नोटिस
हरियाणा सरकार ने प्रदेश में रिहायशी प्लॉटों पर बनने वाली स्टिल्ट+4 मंजिल (Stilt+4 Floors) इमारतों की मंजूरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (TCP) ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए सभी संबंधित विभागों को अगले आदेश तक ऐसे भवनों के नक्शे और निर्माण स्वीकृतियां रोकने के निर्देश दिए हैं।
ऑनलाइन मंजूरी प्रक्रिया में बदलाव के चलते फैसला
टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, ऑनलाइन बिल्डिंग प्लान अप्रूवल, सेल्फ सर्टिफिकेशन और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं से जुड़े नियमों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इसी वजह से रिहायशी प्लॉटों पर बनने वाली स्टिल्ट+4 मंजिल इमारतों की सभी नई मंजूरियों को फिलहाल रोकने का निर्णय लिया गया है।
इन विभागों को भेजे गए आदेश
यह आदेश हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP), शहरी स्थानीय निकाय विभाग (ULB) और हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम (HSIIDC) के साथ-साथ सभी सीनियर और जिला टाउन प्लानर्स को भेजा गया है।
ऑनलाइन पोर्टल पर भी आवेदन बंद होंगे
विभाग ने पीएम (आईटी) को निर्देश दिए हैं कि S+4 पोर्टल और HOBPAS (Online Building Plan Approval System) पर स्टिल्ट+4 भवनों की मंजूरी से संबंधित नए आवेदन तत्काल प्रभाव से स्वीकार न किए जाएं। साथ ही लेआउट प्लान, जोनिंग प्लान और सर्विस प्लान से जुड़े मामलों में भी अगले आदेश तक नई मंजूरी नहीं दी जाएगी।
अगले आदेश तक रहेगा प्रतिबंध
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक नई नीति, ऑनलाइन मंजूरी प्रणाली और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता। इसके बाद सरकार आगे के निर्देश जारी करेगी।
Letter Regarding clarification additional increment to clerks
Railway Board Circular:Holidays to be observed during the year 2027
Holidays to be observed during the year 2027 - वर्ष 2027 के दौरान होने वाले अवकाशों के संबंध में: Railway Board Circular


















































