⚖️ सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला कर्मचारियों के पक्ष में ⚖️
दिनांक 21 मई 2026 को माननीय सुप्रीम कोर्ट ने असम के Work Charged एवं Muster Roll कर्मचारियों के नियमितीकरण मामले में एक महत्वपूर्ण निर्णय दिया।
कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि सरकार ने एक ही नीति के तहत लगभग 30,000 कर्मचारियों को नियमित कर दिया है, तो समान परिस्थितियों वाले बाकी कर्मचारियों को केवल clerical mistakes, प्रशासनिक लापरवाही या नाम छूट जाने के कारण वंचित नहीं किया जा सकता।
माननीय न्यायालय ने कहा कि: ✅ समान कर्मचारियों के साथ समान व्यवहार होना चाहिए।
✅ सरकार Article 14 (समानता के अधिकार) का उल्लंघन नहीं कर सकती।
✅ “उमा देवी” निर्णय का गलत सहारा लेकर पहले से लागू नीति से पीछे नहीं हट सकती।
✅ सरकार एक “Model Employer” है और उसे अपने कर्मचारियों के साथ निष्पक्ष व्यवहार करना होगा।
सुप्रीम कोर्ट ने यह भी माना कि वर्षों से सेवा दे रहे कर्मचारियों को सरकार की नीति और आश्वासनों के आधार पर “Legitimate Expectation” थी कि
उन्हें भी समान लाभ मिलेगा।यह निर्णय उन सभी कर्मचारियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है जो लंबे समय से सेवा दे रहे हैं और समान नीति होने के बावजूद नियमितीकरण से वंचित रखे गए हैं।
✊ “समान कार्य, समान परिस्थिति और समान अधिकार — यही संविधान की भावना है।” ✊








































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