Saturday, May 25, 2013

HARYANA ME CCE RAHEGI JAARI

हरियाणा ने सतत और समग्र मूल्यांकन प्रणाली (सीसीई) को ठोस बनाने का निर्णय लिया है। राज्य में मूल्यांकन की यह प्रणाली लागू रहेगी। आवश्यकता हुई तो भविष्य में कुछ संशोधन संभव है। दिल्ली में शुक्रवार को सतत एवं समग्र मूल्यांकन प्रणाली पर मंथन के बाद हरियाणा की शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल ने इस बात की पुष्टि की है। शुक्रवार को विभाग की आंतरिक बैठक हुई। इस संदर्भ में 30 और 31 मई को एक और बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें मूल्यांकन प्रणाली पर गौर किया जाएगा। दिल्ली बैठक में कुछ
राज्यों ने यह बात रखी कि कक्षा एक से आठ तक बच्चों को फेल नहीं किया जाता है। इस कारण पढ़ाई को लेकर उनमें भय नहीं रहता है। वे पूरी निष्ठा के साथ पढ़ाई नहीं करते। लिहाजा आज की बैठक में सभी राज्यों को इस प्रणाली से संबंधित फार्मेट दे दिया है। उनसे सीसीई के रिस्पांस संबंधी रिपोर्ट मांगी गई है। यह रिपोर्ट आने के बाद ड्राफ्ट तैयार किया जाएगा। बैठक में मानव संसाधन मंत्रालय सहित अन्य राज्यों के शिक्षा अधिकारी भी मौजूद थे। हरियाणा की शिक्षा मंत्री को कैब कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया। इसमें तीन अन्य राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को सदस्य बनाया गया। यह है सतत एवं समग्र मूल्यांकन प्रणाली ः शिक्षा का अधिकार सेक्शन 16 के तहत न तो किसी बच्चे को आठवीं तक फेल किया जा सकता है। न ही उसे स्कूल से निकाला जा सकता है। हरियाणा में पहले ही 5वीं कक्षा तक यह प्रावधान था। आरटीई लागू होने के बाद 8वीं कक्षा तक मूल्यांकन को प्रणाली बनाई गई। हालांकि बच्चों को फेल और पास करने संबंधी बातों पर भी विचार किया गया, यह मामला विचाराधीन है। इस संदर्भ में कोई निर्णय नहीं लिया है। बच्चों की स्क्रीनिंग पर विचार किया जा सकता है। यह दिक्कत हो रही थी इस मूल्यांकन प्रणाली के तहत हरियाणा में अध्यापकों को प्रशिक्षण भी दिया गया, लेकिन अध्यापक इस प्रशिक्षण को नाकाफी बताते रहे। अध्यापकाें को अधिक जानकारी न होने के कारण बच्चों का मूल्यांकन अंदाजे से कर दिया गया। हरियाणा राजकीय अध्यापक संघ के राज्य प्रधान कुलभूषण शर्मा के मुताबिक इसे जमीनी स्तर पर लागू करने के लिए अथक प्रयास करने होंगे। •हरियाणा की शिक्षा मंत्री को कैब कमेटी का अध्यक्ष बनाया गया •पाठ्यक्रम इस प्रणाली के अनुरूप नहीं है •अध्यापकों को विस्तार से प्रशिक्षण देना होगा •पिछले साल का मैटीरियल इस साल मिला है •रजिस्टर, रिकार्ड, प्रोग्रेस कार्ड, बच्चों से संबंधित सभी फार्म अप टू डेट रखने की जरूरत है •इस प्रणाली में अभी अध्यापकों को और प्रशिक्षण की आवश्यकता है। साथ ही पाठ्यक्रम को भी इस प्रणाली के आधार पर बदलने की आवश्यकता है, इसमें बच्चों के साथ पूरी तरह न्याय हो सके। अभी हमने राज्यों से इस संदर्भ में राय मांगी है। -गीता भुक्कल, शिक्षा मंत्री हरियाणा

No comments:

Post a Comment