जनवरी 2026 से पुरानी पेंशन की वापसी की उम्मीद तेज
फौजी और केंद्रीय कर्मचारियों में नई उम्मीद, सरकार पर बढ़ा दबाव
देशभर में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को लेकर एक बार फिर माहौल गर्म हो गया है। राजस्थान, छत्तीसगढ़, पंजाब, झारखंड और हिमाचल प्रदेश जैसे कई राज्यों द्वारा OPS लागू किए जाने के बाद अब केंद्र सरकार पर भी इसे दोबारा लागू करने का दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
राज्यों के फैसलों से बदली तस्वीर
पिछले कुछ वर्षों में जिन राज्यों ने पुरानी पेंशन योजना को बहाल किया है, वहां के कर्मचारियों को रिटायरमेंट के बाद सुरक्षित और स्थायी आय का भरोसा मिला है। इससे साफ है कि OPS केवल एक योजना नहीं, बल्कि कर्मचारियों के सम्मान और भविष्य की सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।
जनवरी 2026 से क्या बड़ा फैसला आ सकता है?
मीडिया रिपोर्ट्स और सरकारी सूत्रों की
मानें तो जनवरी 2026 से केंद्र सरकार OPS को लेकर कोई बड़ा फैसला ले सकती है। यदि यह फैसला कर्मचारियों के पक्ष में जाता है, तो इससे लाखों केंद्रीय कर्मचारी अर्धसैनिक बलफौजी जवान को सीधा लाभ मिल सकता है। हालांकि अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, लेकिन लगातार हो रही चर्चाएं उम्मीद को मजबूत कर रही हैं।
फौजी और CAPF जवानों की सबसे बड़ी मांग
फौजी और केंद्रीय सशस्त्र बलों (CRPF, BSF, ITBP, SSB, CISF आदि) के जवानों का कहना है कि उनकी ड्यूटी सबसे कठिन जोखिम जानलेवा और सेवा अवधि सीमित होती है ऐसे में बुढ़ापे में बाजार आधारित पेंशन उनके लिए सबसे बड़ा खतरा बन जाती है। OPS ही एकमात्र व्यवस्था है जो उन्हें निश्चिंत भविष्य दे सकती है।
रिटायरमेंट के बाद पेंशन क्यों है जरूरी?
रिटायरमेंट के बाद: नियमित आय का कोई दूसरा साधन नहीं होता स्वास्थ्य खर्च तेजी से बढ़ता है महंगाई हर साल नई ऊंचाई छूती है OPS में हर महीने तय पेंशन मिलती है और महंगाई भत्ते (DA) के साथ पेंशन बढ़ती रहती है, जिससे बुजुर्ग सम्मान और सुकून के साथ जीवन जी सकते हैं।
नई पेंशन योजना (NPS) से क्यों बढ़ी चिंता?
नई पेंशन योजना पूरी तरह शेयर बाजार पर आधारित है।
बाजार गिरा तो पेंशन घट सकती है रिटायरमेंट के समय मिलने वाली रकम अनिश्चित बुढ़ापे में आय की कोई गारंटी नहीं यही अनिश्चितता आज कर्मचारियों और फौजियों की सबसे बड़ी परेशानी बन चुकी है।
कर्मचारियों और युवाओं पर असर अगर OPS दोबारा लागू होती है तो: सरकारी नौकरी का आकर्षण बढ़ेगा युवाओं में भरोसा लौटेगा कर्मचारियों का मनोबल मजबूत होगा काम की गुणवत्ता और ईमानदारी में सुधार आएगा...
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