मकर संक्रांति 2026 की आपको ढेरों शुभकामनाएँ! आज, बुधवार, 14 जनवरी 2026, को सूर्य देव के उत्तरायण होने और मकर राशि में प्रवेश करने का यह पर्व पूरे उत्साह के साथ मनाया जा रहा है।
यह पर्व भारत की विविधता का प्रतीक है और इसे अलग-अलग नामों से मनाया जाता है:
- उत्तर भारत: खिचड़ी पर्व या लोहड़ी (पंजाब/हरियाणा)।
- गुजरात: उत्तरायण (पतंगबाजी का मुख्य केंद्र)।
- तमिलनाडु: पोंगल (नवे साल का जश्न)।
- असम: माघ बिहू (फसल कटाई का उत्सव)।
- पश्चिम बंगाल: पौष संक्रांति।
प्रमुख परंपराएं:
पवित्र स्नान: गंगा, यमुना या अन्य नदियों में डुबकी लगाना मोक्षकारी माना गया है।
- दान: तिल, गुड़, खिचड़ी, कंबल और अनाज का दान करना शुभ होता है।
- खान-पान: तिल और गुड़ के लड्डू (तिल-गुल) और दही-चूड़ा या खिचड़ी का सेवन मुख्य परंपरा है।
- पतंगबाजी: आकाश में रंग-बिरंगी पतंगें उड़ाना खुशी और नई उमंगों का प्रतीक है।

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