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Friday, March 6, 2026
Monday, June 1, 2015
Wednesday, April 29, 2015
मिडे-डे-मिल यूनियन का धरना
झज्जर : मिड-डे-मिल का काम निजी कंपनी को सौंपने के मामले को लेकर एक मई को प्रदेश भर की मिड-डे-मिल वर्कर धरना प्रदर्शन करेंगी। मिड-डे-मिल वर्कर यूनियन की राज्य प्रधान सरोज दुजाना व जिला प्रधान निर्मला ने यहां जारी एक ब्यान में कहा कि 23 अप्रैल अखबार के माध्यम प्राइवेट कंपनी को मिड-डे-मिल तैयार करने का जिम्मा सौंपने की सूचना से मिड-डे-मिल वर्कर परेशान हैं। उन्होंने कहा कि कई वर्षो से इस कार्य से जुड़ी महिलाओं के लिए जरूर खतरे की घंटी हैं। साथ ही जो कंपनी इतने बच्चों का खाना बनाएगी वह कई घटे पहले बना हुआ होगा। जिससे बच्चों के स्वास्थ्य को भी खतरा पैदा होगा। सरकार के इस फैसले के खिलाफ पूरे हरियाणा में एक मई को मिड-डे-मील वर्कर विरोध प्रदर्शन करते हुए उपायुक्तों के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौपेंगी। अगर इसके बाद भी सरकार ने यह काम प्राइवेट कंपनियों को देने का फैसला नहीं बदला तो 10 मई को जींद में पूरे हरियाणा की वर्कर सम्मेलन करके आगामी आदोलन की घोषणा करेगी और जब तक उनकी मागें नहीं मानी जाएगी तब तक उनका आदोलन जारी रहेगा
Friday, April 10, 2015
MDM KA KHARCH LIKHVANA HOGA SCHOOL DIWAR PAR
मिडडे मील (मध्याह्न भोजन योजना) के राशन में अब धांधली नहीं हो सकेगी। विभाग ने इसके लिए योजना तैयार की है। जिसके तहत मिड डे मील के तहत खर्च की गई राशि का ब्यौरा दीवारों पर अंकित करना जरूरी होगा। ऐसा नहीं करने वाले स्कूल इंचार्जों पर विभाग की तरफ से कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए महानिदेशक मौलिक शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सभी जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किये हैं। विभाग का दावा है की ऐसा करने से मिड-डे मील में धांधली रुकेगी। बता दें कि पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को मिड डे मील योजना के तहत राशन दिया जाता है।
ये किया जाएगा
मिडडे मील योजना के अंतर्गत खर्च होने वाली राशि का पूरा ब्यौरा देना होगा। इसके लिए स्कूल की चार दीवार पर खर्च राशि अंकित की जाएगी। जिसमें विद्यार्थी की संख्या, योजना पर खर्च राशि का ब्यौरा होगा। इसी के साथ मिड डे मील का लोगो भी देना जरूरी होगा। वहीं मिड डे मील में क्या राशन तैयार किस दिया किया जाता है। ये भी देना जरूरी
Friday, August 29, 2014
Monday, June 9, 2014
1 JULY SE PRIMERY ME 3.59 AND UPPER PRIMARY KO 5.38 RS PAR STUDENT MILEGA MDM ME
केंद्र में नई सरकार बनते ही मिड-डे-मील की कुकिंग कॉस्ट (खाना बनाने की लागत) बढ़ा दी गई है। प्राइमरी के बजट में 25 पैसे प्रति छात्र तथा अपर प्राइमरी के बजट में 38 पैसे प्रति छात्र की वृद्धि की गई है। बढ़ी हुई दरें 1 जुलाई से लागू होगी। हालांकि शिक्षकों का मानना है कि यह बढ़ोतरी काफी नहीं है। केवल प्राइमरी में ही एक बच्चे पर छह रुपये का खर्चा आ जाता है। इसी आधार पर कुकिंग कॉस्ट बढ़ानी चाहिए थी।1फिलहाल प्रदेश में प्राइमरी के लिए कुकिंग कॉस्ट तीन रुपये 34 पैसे प्रति छात्र तय की हुई थी। अपर प्राइमरी कक्षाओं के यह पांच रुपये प्रति छात्र थी। अब केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रलय की मिड-डे-मील डिवीजन ने सभी प्रदेशों/केंद्र शासित राज्यों को मिड-डे-मील बनाने की लागत राशि बढ़ाने के निर्देश दिए हैं।11 जुलाई से देश के सभी प्रदेशों व यूटी में प्राइमरी में मिड-डे-मील की लागत को 3 रुपये 59 पैसे प्रति छात्र तथा अपर प्राइमरी में पांच रुपये 38 पैसे प्रति छात्र खर्च करने का आदेश जारी किया गया है। केंद्र सरकार ने केंद्र व राज्यों के हिस्से के अनुपात के बारे में भी निर्देश जारी कर दिए हैं। नॉन एनईआर (नॉर्थ ईस्ट रीजन) स्टेट में 75:25 का अनुपात होगा, जबकि एनईआर राज्यों में यह 90:10 रहेगा। यानी 75 व 90 प्रतिशत राशि केंद्र तथा 25 व 10 प्रतिशत राशि राज्यों को वहन करनी होगी। नॉन एनईआर स्टेट में यह राशि प्राइमरी के लिए 2.69 रुपये केंद्र सरकार वहन करेगी, जबकि 0.90 पैसे राज्य सरकार वहन करेगी। 1इसी प्रकार से अपर प्राइमरी के लिए नॉन एनईआर स्टेट में केंद्र सरकार 4.04 रुपये तथा 1.34 रुपये राज्य सरकार वहन करेगी। वहीं, एनईआर स्टेट में केंद्र सरकार प्राइमरी कक्षाओं के लिए 3.23 रुपये तथा 0.36 पैसे राज्य सरकार वहन करेगी। अपर प्राइमरी कक्षाओं के लिए 4.84 रुपये केंद्र सरकार तथा 0.54 पैसे राज्य सरकारें वहन करेंगी।
Thursday, May 1, 2014
MDM RECEIPI PAR UTHE SAWAL
8 ग्राम में हलवा, 5 ग्राम में बनाओ कढ़ी पकौड़ा मिड-डे-मील राशन की रेसिपी पर उठे सवाल 3.25 रुपए में एक बच्चे के लिए भोजन प्राइमरी में पिछले साल प्रति बच्चा 3.11 रुपए प्रतिदिन की राशि तय थी इस बार यह 3.25 रुपए की गई है। 100 ग्राम आटा, 20 ग्राम काले चने को 20 ग्राम चीनी का मिठास देकर 8 ग्राम रिफाइंड से हलवा बनाना है। कुक का यह सुनकर ही माथा ठनक रहा है। भला 8 ग्राम रिफाइंड से हलवा तो दूर पूरी तरह आटा गीला भी नहीं होगा। कुछ इसी तरह की रेसिपी सरकारी स्कूलों में मिड डे मील राशन की है। सरकारी स्कूलों में पढऩे वाले बच्चों के लिए मिड डे मील भोजन की इस साल आई रेसिपी पर सवाल उठ रहे हैं। घर से आते हैं खाली पेट स्कूल में भोजन मिलेगा इसलिए घर से सुबह खाली पेट ही जाते हैं। स्कूल में जो बनता है उसे खा लेते हैं। उन्हें नहीं पता कि क्या और कितना दिया जाता है। खीर अच्छी थी अब वह नहीं मिल रही। हलवा कहा जाता है पर वह महज कसार की तरह सूखा होता है।- निधि, छात्रा कक्षा 4 शिक्षकों को रखा
Wednesday, April 23, 2014
AB MARZI SE NAHI HATA SAKENGE MDM COOK
स्कूलों में मिड-डे मील कुक और हेल्पर को सरपंचों ने फुटबाल की तरह
समझा हुआ था। सरपंची का रौब झाड़ते हुए वह किसी भी कुक
या हेल्पर को अधिकारियों से शिकायत कर हटा देते थे, लेकिन अब
उनकी चलने वाली नहीं। प्रदेशभर में अगर किसी कुक को हटाना है
तो पहले मौलिक शिक्षा निदेशालय से
उसकी अनुमति लेनी होगी। अगर किसी अधिकारी ने
अपनी पॉवर का इस्तेमाल करते हुए कुक को हटाया तो उस
अधिकारी के खिलाफ निदेशालय कार्रवाई करेगा। इस संबंध में
सभी डीईओ को निदेशालय की तरफ से पत्र भेजे गए हैं।
मिड-डे मील कुक या हेल्पर हर समय सरपंच या स्कूल मुखिया के
रहमोकरम पर काम करते रहे हैं। जो कुक हटाए जाते हैं, वे कोर्ट
की शरण में पहुंचने शुरू हो गए। यही वजह है कि कोर्ट में कुक व हेल्पर
को हटाने के केस काफी हो गए जिस कारण मौलिक
शिक्षा विभाग के काम प्रभावित होने लगा। अब निदेशालय ने
कहा कि अगर किसी कुक या हेल्पर को हटाना है
तो उसकी शिकायत पहले निदेशालय को भेजनी होगी। निदेशालय
ही
Thursday, March 27, 2014
Friday, March 21, 2014
MID DAY MEAL SURVEY KI TEAM AAYI
सभी स्कूलों के मिड डे मील
खाते में 1000 रूपये आये हें जिनसे
मिड डे मील लोगो व मेन्यु
दिवार पर लिखवाना हें|
सभी साथी मिड डे मील
कि कैश बुक व अन्य
कार्यवाही पूरी रखे |चंड़ीगढ़
कि टीम आई हुई हें वह
किसी भी स्कूल में आ सकती हें | |मिड डे मील वर्कर
को उनका वेतन उनके खाते में
ट्रांसफर करवाए न कि नगद दे |
राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ कुपोषण का भी शिकार न हो। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाला मिड डे मील (मध्याह्न भोजना योजना) के व्यंजनों में संशोधन किया है। विद्यार्थियों को व्यंजनों में अब प्रोटीन व ऊर्जा भरपूर मात्रा में मिलेगा। स्कूलों में 4 दिन चावल से बने व 2 दिन गेहूं से बने व्यंजन दिए जाएंगे। मिड डे मील में भरवा परांठा, आटे की सेवइयां नहीं दी जाएंगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में संशोधित व्यंजन 1 अप्रैल से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को
राजकीय स्कूलों में विद्यार्थियों की पढ़ाई के साथ कुपोषण का भी शिकार न हो। इसके लिए शिक्षा विभाग ने स्कूलों में विद्यार्थियों को मिलने वाला मिड डे मील (मध्याह्न भोजना योजना) के व्यंजनों में संशोधन किया है। विद्यार्थियों को व्यंजनों में अब प्रोटीन व ऊर्जा भरपूर मात्रा में मिलेगा। स्कूलों में 4 दिन चावल से बने व 2 दिन गेहूं से बने व्यंजन दिए जाएंगे। मिड डे मील में भरवा परांठा, आटे की सेवइयां नहीं दी जाएंगी। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में संशोधित व्यंजन 1 अप्रैल से लागू करने के निर्देश जारी किए हैं। स्कूलों में विद्यार्थियों को
Sunday, March 2, 2014
Sunday, July 28, 2013
TEACHER KA KAAM PADANA HAI KHANA BANANA NAHI
इलाहाबाद/पटना। हाल ही बिहार के सारण जिले में मिड डे मील त्रासदी में प्रिंसिपल को मुख्य आरोपी माने जाने की घटना के बीच इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कह दिया है कि टीचर का काम पढ़ाना है न कि खाना बनवाने की निगरानी करना। कोर्ट की यह टिप्पणी इसलिए भी अहम है क्योंकि बिहार में वीरवार को करीब 3 लाख प्राइमरी स्कूल टीचरों ने मिड डे मील ड्यूटी का बहिष्कार किया है। उनका कहना है कि इस वजह से वह ठीक ढंग से पढ़ाने पर ध्यान नहीं दे पा रहे हैं। एजेंसी
इलाहाबाद हाई कोर्ट के जस्टिस शिव कीर्ति सिंह और
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