Thursday, April 2, 2015

जेबीटी भर्ती धांधली में हाईकोर्ट का आदेश : दो महीने में करे अंगूठों की जांच

 चंडीगढ़ : प्रदेश में जूनियर बेसिक टीचरों की भर्ती में हुई धांधली के मामले में अब फर्जी अंगूठे के निशान की जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दो माह का समय दिया है। सरकार की तरफ से तीन माह का समय दिए जाने की मांग करते हुए कहा गया कि 6,081 उम्मीदवारों में से 1,600 के अंगूठे के निशान की जांच कर ली गई है। हाईकोर्ट ने दो माह का समय देते हुए दोषी पाए गए उम्मीदवारों पर कार्रवाई की जानकारी मांगी है। प्रदेश सरकार ने वर्ष 2011 में 8,341 शिक्षकों की भर्ती के लिए आवेदन मांगे थे। इस भर्ती पर सवालिया निशान उठाते हुए याचिका दाखिल की गई थी जिसमें कहा गया था कि पात्रता परीक्षा के अंगूठे के निशान हस्ताक्षरों और चयन परीक्षा के अंगूठे के निशान और हस्ताक्षरों की जांच नहीं की गई है। हजारों उम्मीदवारों ने फर्जी तरीके से इस भर्ती में हिस्सा लिया और नौकरी हासिल कर

HARYANA ME 1.5 LAKH EMPLOYEES KI KAMI

अनुराग अग्रवाल, चंडीगढ़।हरियाणा के सरकारी विभागों में कर्मचारियों की भारी कमी बनी हुई है। हर साल सैकड़ों कर्मचारी रिटायर हो रहे हैं, लेकिन उनके स्थान पर नई भर्ती नहीं की जा रही है। कर्मचारियों की रिटायरमेंट आयु घटाने से हालात अधिक चिंताजनक बन गए हैं। इससे न केवल कर्मचारियों पर काम का बोझ बढ़ गया, बल्कि उनकी काम करने की क्षमता भी प्रभावित हो रही है। 1 प्रदेश में 31 मार्च को करीब 1600 कर्मचारी रिटायर हुए हैं। रिटायरमेंट की आयु 60 साल से घटाकर 58 साल करने के फैसले के बाद अक्टूबर से दिसंबर 2014 के बीच 5700 कर्मचारी रिटायर हुए थे। पंजाब एवं हरियाणा हाइकोर्ट में चुनौती समेत कई तरह के विवादों की वजह से 15 हजार भर्तियां अभी लंबित हैं। हर साल कर्मचारियों की रिटायरमेंट तो हो रही है,

FIRST SEMESTER ME STUDY SIRF 70 DAYS HOGI


ADMISSION KE SATH MILEGA UNIQUE NUMBER


Wednesday, April 1, 2015

जो भी होगा भले के लिये होगा



एक आदमी की नई नई शादी हुई और वो अपनी पत्नि के साथ वापिस आ रहे थे!

रास्ते में वो दोनों एक बडी झील को नाव के द्वारा पार कर रहेथे,

तभी अचानक एक भयंकर तूफ़ान आ गया !

वो आदमी वीर था लेकिन औरत बहुत डरी हुई थी क्योंकि हालात बिल्कुल खराब थे!

नाव बहुत छोटी थी और तूफ़ान वास्तव में भयंकर था और दोनों किसी भी समय डूब सकते थे!

लेकिन वो आदमी चुपचाप, निश्चल और शान्त बैठा था जैसे कि कुछ नहीं होने वाला हो!

औरत डर के मारे कांप रही थी और वो बोली "क्या तुम्हें डर नहीं लग रहा"

ये हमारे जीवन का आखरी क्षण