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Monday, April 13, 2015

PRIVATE HOSPITAL BHI RTI KE DAYRE ME

नई दिल्‍ली (11 अप्रैल): यह खबर आपके लिए जानना बहुत जरूरी है। क्योंकि देश के मुख्य सूचना आयोग ने केंद्र और राज्य सरकारों को निर्देश दिया है कि वो प्राइवेट अस्पतालों को आरटीआई के तहत लाएं और ये तय करें कि प्राइवेट अस्पताल मरीज को उसके मेडिकल रिकॉर्ड के बारे में रोजाना पूरी जानकारी दें। प्रभात कुमार नाम के शख्‍स के पिता कैलाश प्रसाद सिंह का इलाज दिल्ली के बहुत बड़े नामी अस्पताल में चल रहा था। प्रभात बताते हैं कि सिर्फ बीस लाख के तो टेस्ट कराए थे अस्पताल ने, लेकिन इनके पिता बच नहीं पाए। प्रभात ने अस्पताल से आरटीआई के तहत कुछ जानकारियां मांगी तो अस्पताल ने सीधे इनकार कर दिया। दिल्ली के उस नामी प्राइवेट अस्पताल का दावा था कि हम आरटीआई के तहत जानकारी नहीं देते क्योंकि इसके दायरे में

Friday, February 7, 2014

RTI ACT 2005:SOME IMPORTANT DHARA


Friends, RTI Act 2005 k bare me jan lete hain.

Ham ko Main Section/Dhara k bare me janana jaruri hai.

Dhara 2 :- Es me bataya gaya hai ki Suchana kise kahate hain.

Dhara 3 :- Koe bhi Bharat ka Nagrik kisi bhi Sarkari Karyalay me Aavedan kar sakta hai.

Dhara 4 (1) (B) :- Jo Suchana deni jaruri hain.

Dhara 4 (1) (D) :- Parbhavit banda karan (reasons) puchh sakta hai.

Dhara 6 (1) :- Hindi, English ya vahan ki Local Bhasha me apply kar sakte hain.

RTI ABOUT EDUCATION ALLOWENCE OF GOVT. EMPLOYEE


Wednesday, May 22, 2013

JALD SUMMER HOLIDAYS DECLARE NA HONE KA KARAN RTI

गर्मी शिखर पर है। पारा 46 डिग्री पार का चुका है। लेकिन स्कूलों में ग्रीष्मकालीन छुट्टियों होने में अभी एक सप्ताह से भी अधिक समय बचा है। गर्मी की अधिकता से बच्चे परेशान हैं। अभिभावकों के विभाग के पास छुट्टियां घोषित करने के लिए हर रोज फोन आ रहे हैं, लेकिन इन छुट्टियों में शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) रोड़ा बन कर खड़ा हो गया है। स्कूलों में लेक्चर शॉर्ट होने के डर से अधिकारी भी इस मामले में चुप्पी साधे है। शिक्षा का अधिकार अधिनियम वर्ष 2009 में लागू हुआ था। इस अधिनियम में स्पष्ट किया गया है कि प्राइमरी और अपर प्राइमरी वर्ग की कक्षाओं के लिए वर्ष भर के दौरान क्रमश 200 और 220 दिन की उपस्थिति

Wednesday, May 15, 2013

RTI FEE AB ZAMA HOGI ONLINE

नई दिल्ली : व्यापक पारदर्शिता की दिशा में कदम उठाते हुए सरकार ने अब आरटीआई आवेदन दायर करने और इसके शुल्क भुगतान के लिए ऑनलाइन सुविधा शुरू कर दी है। देश में पारदर्शिता कानून के कार्यान्वयन के लिए नोडल विभाग के रूप में कार्य करने वाले कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों ने कहा कि पोर्टल ‘डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट आरटीआईऑनलाइन डॉट जीओवी डॉट इन’ इस उद्देश्य के साथ शुरू किया गया है कि लोग सूचना मांगने के अपने अधिकार का इस्तेमाल ऑनलाइन माध्यम से कर सकें। अधिकारियों ने कहा कि सूचना मांगने वाला भारतीय स्टेट बैंक और इससे जुड़े बैंकों के माध्यम से इंटरनेट बैंकिंग के जरिए 10 रुपये का शुल्क जमा कर सकता है। शुल्क भुगतान के लिए क्रेडिट या डेबिट कार्ड का इस्तेमाल भी किया