अंतर्राष्ट्रीय संगठन और उनके मुख्यालय
✓शंघाई सहयोग संगठन: बीजिंग, चीन(2001)
✓सार्क: काठमांडू, नेपाल (1985)
✓संयुक्त राष्ट्र: न्यूयॉर्क, USA (1945)
✓संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: न्यूयॉर्क, USA (1945)
✓UNESCO: पेरिस, फ्रांस (1945)
अंतर्राष्ट्रीय संगठन और उनके मुख्यालय
✓शंघाई सहयोग संगठन: बीजिंग, चीन(2001)
✓सार्क: काठमांडू, नेपाल (1985)
✓संयुक्त राष्ट्र: न्यूयॉर्क, USA (1945)
✓संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद: न्यूयॉर्क, USA (1945)
✓UNESCO: पेरिस, फ्रांस (1945)
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। भारत में हर साल 12 जनवरी का दिन ऊर्जा, उत्साह और प्रेरणा के नाम होता है। इस दिन हम राष्ट्रीय युवा दिवस (National Youth Day ) मनाते हैं। यह केवल एक कैलेंडर तारीख नहीं है, बल्कि देश के करोड़ों युवाओं के लिए स्वामी विवेकानंद के विचारों को आत्मसात करने का एक अवसर है।
दरअसल, 12 जनवरी 1863 को स्वामी विवेकानंद का जन्म हुआ था। उनकी जयंती को राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। आइए जानें इस दिन को मनाने का उद्देश्य क्या है और इस दिन को मनाने की शुरुआत कैसे हुई थी।
(Picture Courtesy: Freepik)युवाओं को देश का भविष्य कहा जाता है। किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसके युवाओं की सोच और उनकी कार्यक्षमता पर निर्भर करती है। स्वामी विवेकानंद युवाओं के सबसे बड़े प्रेरणास्रोत रहे हैं। उनका मानना था कि युवा शक्ति ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन ला सकती है।
उनके इसी विजन को सम्मान देने और युवाओं को राष्ट्र निर्माण के प्रति जागरूक करने के लिए भारत सरकार ने उनके जन्मदिन को 'राष्ट्रीय युवा दिवस' के रूप में