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Saturday, April 25, 2026

हीटवेव के चलते स्कूल टाइम बदला: नर्सरी से 8वीं तक सुबह 7:30 से 12 बजे तक कक्षाएं


हनुमानगढ़। जिले में भीषण गर्मी और लू (हीटवेव) को देखते हुए जिला प्रशासन ने विद्यालय समय में बदलाव किया है। जिला कलेक्टर डॉ. खुशाल यादव ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी से विचार-विमर्श के बाद आदेश जारी करते हुए कक्षा नर्सरी से 8वीं तक के विद्यार्थियों के लिए स्कूल समय प्रातः 7:30 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित किया है।


➡️ यह व्यवस्था 27 अप्रैल, 2026 से सत्रांत तक लागू रहेगी। वहीं कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों और विद्यालय स्टाफ का समय पूर्ववत ही रहेगा।


➡️ जिला कलेक्टर ने मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए हैं कि आदेश की अक्षरशः पालना सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में सुनिश्चित कराई जाए। आदेश की अवहेलना करने वाले विद्यालयों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।



Thursday, March 26, 2015

B.ED,M.ED PATAYKARM HUE 2 SAAL KE

जयपुर राज्य में आगामी शिक्षा सत्र 2015-16 से ही एमएड, बीएड, शिक्षाचार्य, शिक्षाशास्त्री और बीपीएड पाठ्यक्रम दो साल के होंगे। फिलहाल ये सभी कोर्स एक साल के ही हैं। राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की ओर से लागू नई व्यवस्था पर असमजंस दूर कर आखिरकार सरकार ने सभी विश्वविद्यालयों को इस संदर्भ में आदेश जारी कर दिए हैं। आदेश जारी होने के साथ ही सभी विश्वविद्यालयों ने नए निर्देशों के अनुरूप दो वर्षीय पाठ्यक्रम तैयार करने की कवायद भी शुरू कर दी है। राजस्थान विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग ने पाठ्यक्रम संबंधी विस्तृत दिशा-निर्देशों के लिए बकायदा परिषद की संबंधित शाखा के उच्चाधिकारियों के साथ बैठक कर ली है। चौंकाने वाली बात यह है कि उच्च शिक्षा विभाग ने जनवरी के अंतिम सप्ताह में ही सभी संस्थानों को परिपत्र जारी कर निर्देश दिए थे कि 2016-17 ये कोर्स दो साल के किए जाएं। बाद में परिषद की सख्ती और इस मामले में प्रकाशित गजट नोटिफिकेशन को देखते हुए नए सत्र से ही साल के पाठ्यक्रम के संशोधित आदेश जारी करने पड़े। बढ़ाने होंगे अध्यापक राज्य में फिलहाल 850 से अधिकक बीएड कॉलेज में 90 हजार से अधिक और शिक्षा शास्त्री पाठ्यक्रम के 7 हजार से अधिक छात्र प्रशिक्षण ले रहे हैं। नई व्यवस्था लागू होने से सबसे अधिक समस्या निजी कॉलेजों को आएगी। इसमें बीएड के शिक्षक लगाने के मापदंड भी बदले जाएंगे। अध्यापकों की निर्धारित संख्या 8 से बढ़ाकर 16 की जानी है। हम राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद और राज्य सरकार के निर्देशों के तहत सत्र 2015-16 से ही पाठ्यक्रमों की अवधि एक साल से बढ़ाकर दो साल कर रहे हैं। इसके लिए नए पाठ्यक्रम तैयार करवाए जा रहे हैं। - प्रो ए.सी.एस. मदनावत,अध्यक्ष शिक्षा विभाग राजस्थान विवि

RAJASTHAN PRE-TEACHER EDUCATION TEST 2015-16

अजमेर। राज्य के विभिन्न
शिक्षक प्रशिक्षण
महाविद्यालयों में सत्र
2015-16 के बीएड पाठ्यक्रम में
प्रवेश (प्री-टीचर एजुकेशन टेस्ट)
पीटीईटी के लिए महर्षि
दयानंद सरस्वती
विश्वविद्यालय (एमडीएसयू ) ने
ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए हैं।
पीटीईटी की वेबसाइट
www.ptet2015.com पर
गुरुवार से आवेदन भरे जा सकेंगे।
ऑनलाइन आवेदन भरने की अंतिम
तारीख 18 अप्रैल है, जबकि

Tuesday, March 17, 2015

GRADE III SHIKSHAK BHARTI ME 60% SE KAM MARKS WALE SAMIL HONGE

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2013 के मामले में अभ्यर्थियों को बड़ी राहत देते हुए राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (आरटेट) में 60 प्रतिशत से कम अंक प्राप्त करने वाले याचिकाकर्ताओं को भी चालू भर्ती प्रक्रिया में शामिल करने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता शैलेन्द्र पाटीदार, संजय सुथार व अन्य की ओर से अधिवक्ता हनुमानसिंह चौधरी, डॉ. नूपुर भाटी व अन्य वकीलों ने न्यायालय में कहा कि राज्य सरकार ने ही विज्ञप्ति में आरक्षित वर्गो को आरटेट में 60 प्रतिशत उत्तीर्णाक में अलग-अलग वर्गवार छूट प्रदान की थी। उच्च न्यायालय की खण्डपीठ ने विकास कुमार अग्रवाल के मामले में आरटेट में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त अभ्यर्थियों को ही योग्य माने जाने का जो निर्णय दिया था, उस पर उच्चतम न्यायालय ने स्थगन आदेश जारी कर दिया। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क दिया कि तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती-2012 में भी विज्ञप्तिनुसार

Monday, March 10, 2014

AGAR GOVT. VETAN DETI HAI TO EMPLOYEE GOVT. KA HAI

कर्मचारियों के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। माननीय न्यायालय का कहना है कि यदि राज्य सरकार ने उसे वेतन दिया है तो वो उसका कर्मचारी हुआ। संविदा या कोई दूसरा नाम देकर उसे अस्थाई करार नहीं दिया जा सकता। यदि यह आदेश एप्लिकेबल हुआ तो देश भर में कोई भी कर्मचारी अस्थाई नहीं रहेगा। राजस्थान हाईकोर्ट ने अस्थाई कर्मचारियों के बारे में एक महत्वपूर्ण आदेश जारी करते हुए कहा है कि राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत पदों के लिए नियमित भर्ती प्रक्र...िया अपनाते हुए चयनित कर्मचारियों के नियुक्ति आदेश में केवल संविदा पर लिख देने से वे अस्थाई नहीं हो जाते। ऐसे कर्मचारियों को प्रतिमाह फिक्स सैलेरी देना व उनकी सेवाओं को नियमित नहीं करना असवैंधानिक नहीं बल्कि सर्वोच्च न्यायालय के कर्नाटक बनाम उमादेवी मामले में पारित अंतिम निर्णय का पालन करना

Wednesday, January 8, 2014

RAJASTHAN ME SHIKSHAK BHARTI KE LIYE NIYAM TAY KIYE

राजस्थान के शिक्षा मंत्री ने अपने हालिया ब्यान मे किसी भी शिक्षक भर्ती में अध्यापक बनने के इच्छुक अभ्यार्थियो को किसी भी अन्य परीक्षा से छुटकारा दिलाने का फैसला किया हैं। अब शिक्षक भर्ती में 10%मार्कस सैकेंडरी से 10% सीनियर सैकेंडरी से 10%JBT और B.ed तथा 70%  weightage RTET से लेने का फैसला किया है। जब करप्शन ही नही फैलाना तो क्यों परीक्षार्थियों पर बार बार परीक्षा का बोझ डाला जाये। आप में कितने अध्यापक बनने के इच्छुक अभ्यार्थियो को ये फैसला पसंद आया

Wednesday, June 12, 2013

RTET 2013 HOGA YA NAHI?

अजमेर। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के माध्यम से आयोजित की जाने वाली राजस्थान अध्यापक पात्रता परीक्षा (आरटेट) 2013 का भविष्य अधर में नजर आ रहा है। बोर्ड में अब तक आरटेट 2013 के आयोजन के लिए कोई तैयारी नहीं है। इस परीक्षा का आयोजन नहीं होने से ग्रेड थर्ड शिक्षक भर्ती के लिए आस लगाए प्रदेश के हजारों बेरोजगार निराश हैं। राज्य सरकार ने शिक्षक भर्ती के लिए बीएड व एसटीसी डिग्री धारियों के लिए आरटेट अनिवार्य किया है। यह परीक्षा आयोजन के लिए सरकार ने बोर्ड को नोडल एजेंसी बना रखा है। बोर्ड 2011 और इसके बाद 2012 में आरटेट का आयोजन कर चुका है। जैसे तैसे बोर्ड ने 2011 के आरटेट का परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया था। इसके बाद जून 2012 में आरटेट द्वितीय के लिए आवेदन

M.ED AND B.ED CANDIDATES KO HOGA RAJASTHAN ME NUKSHAN

विधानसभा चुनाव में अपने पक्ष में माहौल तैयार करने के लिए राज्य सरकार सारे नियम-कायदे ताक पर रखकर चल रही है। शिक्षा सहायक के ३३ हजार ६८९ पदों पर होने वाली सीधी भर्ती में सरकार ने ऐसी शर्ते लागू की है, जिनसे १०वीं पास को नौकरी मिल जाएगी, लेकिन एमएड-बीएडधारी वंचित रह जाएंगे। हास्यास्पद बात यह है कि सरकार शिक्षा सहायकों को गैर शैक्षिक कार्यों में लगाने का दावा कर रही है, लेकिन वेतन तृतीय श्रेणी शिक्षकों के समान दिया जाएगा। संविदाकर्मियों को बोनस अंक देकर स्थाई करने के फेर में