सुप्रीम कोर्ट के TET की बाध्यता के आदेश के विरुद्ध दायर की गई याचिकाओं में आज सुनवाई हुई। 2 घंटे बहस हुई। मुकुल रोहतगी, अभिषेक मनु सिंघवी जैसे वरिष्ठ अधिवक्ता शिक्षकों का पक्ष रखने पहुँचे। सभी अधिवक्ताओं ने RTE, RTE amendment 2017 NCTE guidelines, और 2012 में संशोधित NCTE GUIDELINES का विस्तार से हवाला दिया और मांग की की TET की बाध्यता 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों पर न्याय संगत नहीं है।
माननीय न्यायलय ने सभी बिंदुओं को संज्ञान में लिया है, बंगाल राज्य सरकार ने TET कराने के समयसीमा 2 से बढाकर 4 साल करने की माँग की है।
AIPTF की पूरी टीम और अधिवक्ता ने पूरी सुनवाई में शिक्षकों का पक्ष मजबूती से रखा है, उम्मीद है सुप्रीम कोर्ट से देश के 25 लाख शिक्षकों को न्याय मिलेगा।
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